यात्री ठिठुरन की ठंड में डॉ. श्यामप्रसाद मुखर्जी बस स्टैण्ड पर रात गुजारने को मजबूर
सब्बीर खान, टीकमगढ़। प्रदेश के गुना जिले में हुए यात्री बस हादसे के बाद केन्द्र सरकार द्वारा नया कानून चालकों के लिए बनाया गया है। इस हिट एण्ड रन को लेकर नए कानून के विरोध में समूचे देश में बस एवं ट्रक सहित पेट्रोल-डीजल के टैंकर ड्राईवरों ने बीते रोज सोमवार एक जनवरी 2024 से हड़ताल कर रखी है। जिसका असर व्यापक स्तर पर जिले में देखने काे मिल रहा है। जहां बसों से यात्रा करने वाले यात्री परेशान हो रहे हैं वहीं पेट्रोल पंप संचालकों की जेबे गर्म हो रहीं हैं। हड़ताल के दूसरे दिन मंगलवार को पेट्रोल पंपों पर बेहिसाब भीड़-भाड़ को देखते हुए यहां प्रशासन द्वारा पुलिस को तैनात किया गया है क्योंकि पेट्रोल पंप संचालकों का ग्राहकाें से कहना था कि टैंकर ड्राईवर हड़ताल पर है बाहर से पेट्रोल-डीजल का परिवहन पूर्ण रूप से बंद है। कुछ ग्राहकों ने तो यह भी बताया कि हड़ताल का लाभ उठाकर पंप संचालक ऊंचे दामों पर पेट्रोल एवं डीजल की बिक्री मंगलवार को दिन भर करते रहे हैं।
हिट-एंड-रन को लेकर नए कानून के विरोध में हड़ताल के कारण सार्वजनिक परिवहन बसें सड़कों से नदारद रहीं। नए साल के पहले दिन हड़ताल से नगर में करीब हजारों यात्री प्रभावित हुए। ये हड़ताल कब तक चलेगी, इस बारे में अनिश्चितता बनी हुई है। कुछ यूनियनें हड़ताल को 72 घंटे से अधिक समय तक जारी रखने का संकेत दे रही थीं। ड्राइवर और कंडक्टर ने कहा है कि हम हिट-एंड-रन मामलों के आरोपियों के खिलाफ 10 साल तक की कैद और जुर्माने के प्रावधान वाले नए कानून को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। बसें तीन दिनों तक सड़क से दूर रहेंगी। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। देशभर में बस और ट्रक ड्राइवरों की हड़ताल चल रही है. इससे फल-सब्जी की आपूर्ति से लेकर पेट्रोल-डीजल तक की सप्लाई बाधित हो रही है. इस हड़ताल का सबसे अधिक प्रभाव प्रदेश सहित जिले में देखने को मिल रहा है. जिले में तो बस और ट्रक के पहिए थम गए हैं। मंगलवार को समस्त ड्राईवरों ने संसद में हुए पारित कानून के विरोध में नारेबाजी करते हुए अपना विरोध प्रदर्शन दर्ज कराया है। ड्राईवरों का कहना था कि उक्त कानून वापिस नहीं लिया जाएगा बसों एवं ट्रकों सहित टैंकरों के पहिए इसी तरह थमे रहेंेगे।
यह कानून हुआ संसद में पारित : संसद में एक कानून संशोधित हुआ है, इस कानून के मुताबिक, यदि ड्राइवर तेज गति या लापरवाही से वाहन चलाता है और किसी की मौत हो जाती और वाहन चालक घटनास्थल से भाग जाता है तो उसे 10 साल की कैद हो सकती है। साथ ही 7 लाख रुपये जुर्माना भी लग सकता है. ये कानून दोपहिया और चौपहिया वाहन चालकों पर लागू होना है। जबकि मौजूदा कानून में ये सजा 2 वर्ष की ही थी।
ड्राईवर एसोसिएशन क्यों है खफा : मंगलवार को प्रदर्शन कर रहे बसों के ड्राईवरों ने डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी बस स्टैण्ड पर बताया कि घटना कोई भ्ाी ड्राईवर जानबूझकर नहीं करता है अगर धोखे से ड्राईवर या सड़क पर चलने वालों की गलती से कोई भी घटना घटित हो जाती है तो उन्हेें मजबूरी में मौके से भागना पड़ता है क्योंकि नियम कानूनाें का उल्लंघन करने वाली भीड़ सबसे पहले ड्राईवर की तलाश कर उसके साथ मारपीट करने की योजना तैयार करती है। इस वजह से मजबूरी में ड्राईवरो को मौका स्थल से भागने के लिए बाध्य होना पड़ता है।



