समीर खान, टीकमगढ़/ जिला टीकमगढ़ में एलजेसीसी कंपनी की ब्रांच चकरा तिगैला पर कार्यरत थी। जब कुछ निवेशको द्वारा पुलिस अधीक्षक टीकमगढ़ श्री रोहित काशवानी को उक्त कम्पनी के कर्मचारियों द्वारा पैसे नहीं लौटाने की शिकायत की गयी तो तत्परता से पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा थाना प्रभारी कोतवाली को निर्देशित कर निवेशको के लगभग 15 लाख रु० वापस करवाने के साथ-साथ मीडिया के माध्यम से प्रचार-प्रसार कराया गया था कि लोगो द्वारा इस प्रकार की कंपनियों में किसी प्रकार का निवेश किया गया पैसा अगर कम्पनी नहीं देती है तो लोग इसकी शिकायत पुलिस से करें।
इसके बाद से ही कम्पनी के निवेशको ने टीकमगढ़ पुलिस से लिखित शिकायतें की। पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही पुलिस महानिरीक्षक सागर जोन श्री प्रमोद वर्मा व उप पुलिस महानिरीक्षक छतरपुर रेंज ललित शाक्यवार के निर्देशन में व पुलिस अधीक्षक टीकमगढ़ श्री रोहित काशवानी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सीताराम के मार्गदर्शन में थाना पलेरा, थाना कोतवाली में शिकायतकर्ताओं की शिकायत पर अपराध धारा 111, 318 61(2) बी.एन. एस. में पंजीवद्ध कर जिला स्तर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सीताराम एवं अनुविभागीय अधिकारी टीकमगढ़ श्री राहुल कटरे, व अनुविभागीय अधिकारी जतारा श्री अभिशेक गौतम के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई गठित टीम द्वारा उक्त कम्पनी के फर्जीवाड़ा का खुलासा कर कम्पनी के ब्रांच मैनेजर सुबोध रावत व अजय तिवारी, राहुल यादव, जियालाल राय, विजय शुक्ला को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई। जिनके द्वारा बताया गया उक्त एलजेसीसी कम्पनी के माध्यम से वह स्वयं व समीर अग्रवाल, रवि तिवारी अलोक जैन व अन्य साथियों के साथ मिलकर संगठित गिरोह के रूप में वर्ष 2012 से फर्जीवाड़ा कर लोगो की निवेश की गई रकम हड़प रहे हैं व इनके द्वारा ये भी बताया गया कि सभी कम्पनी के मैनेजर व स्वयं द्वारा करोड़ो रूपये की सम्पति पूरे भारत में जगह-जगह पर अर्जित करने के साथ अजय तिवारी सुबोध रावत द्वारा टीकमगढ़ में ही करोड़ो रुपये की सम्पति व एफडी स्वंय एवं परिजनो के नाम से अर्जित की गई हैं। पिछले 12 वर्षों में इनकी कम्पनी पर पहली बार पुलिस कार्यवाही होना स्वीकार किया गया। आरोपियों के मेमोरेण्डम पर इनकी निवेशको की गाडी कमाई से अर्जित की गई सम्पति जप्त की गई है व इनके ऑफिस की सम्पति व डाटा जप्त किया गया है।

