जानकारी अनुसार वार्ड 11 में रिहायसी इलाके में सालों से इस अवैध पटाखा फैक्टरी का संचालन पुरुषोत्तम भुर्जी उर्फ छोटे गुप्ता द्वारा किया जा रहा था। फटाखा फैक्टरी का लाइसेंस 2011 में खत्म हो गया। 2016 में उनके छोटे भाई अरुण फायर वर्क फैक्टरी में हादसा हुआ। जिसमें तीन लोगो की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे, उस हादसे से जिला प्रशासन द्वारा कोई सबब नहीं लिया गया। इस हादसे के बाद एक फिर जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी और लापरवाही सामने आई। गनीमत रही कोई जनहानि नहीं हुई। यदि बड़ा हादसा होता तो बेकसूरों पर भारी पड़ जाता।
भारी मात्रा में मिला अवैध बारूद का भंडारण
नगर में संचालित अवैध पटाखा फैक्टरी में भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद किया गया जिसको प्रशासन द्वारा मौके पर मशीन की मदद से गड्ढा खोदकर बारूद पटाख़े का विनिष्टिकरण किया गया।
हादसे की जांच करने पहुँची एफएसएल टीम
पटाखा फैक्टरी में आग लगने की घटना की जांच करने एफएसएल टीम पहुँची जहाँ टीम द्वारा पटाखा फैक्टरी का बारीकी से निरीक्षण कर नमूने लिए गए।
इनका कहना
आग लगने की सूचना लगते ही मौके 5 दमकल दो एम्बुलेंस पहुंचायी गई थीं जहाँ आग लगी वहां मौके पर कोई मजदूर नहीं मिला। हादसे के बाद अवैध पटाखा फैक्टरी संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की कार्यवाही चल रही है।
विशा मघवानी, एसडीएम नौगॉव

.jpg)