टीकमगढ़। नगर टीकमगढ़ में आवारा मवेशी लोगों के लिए मुसीबत बने हुए हैं हालाकि नगर प्रशासन जिला प्रशासन द्वारा आवारा मवेशियों को लेकर कई प्रकार से कार्य भी किया जा रहा है लेकिन वह चौपट नजर आता है आवारा मवेशियों के चलते लोगों का सड़कों से निकलना भी कभी-कभी मुश्किल हो जाता है डर रहता है तो महिलाओं और स्कूली बच्चों एवं वृद्धो का अगर कहीं वह इनकी चपेट में आ जाते हैं तो बहुत ही खतरनाक स्थिति होती है आवारा मवेशी कई बार ऐसी घटनाओं को भी अंजाम दे चुके हैं की लोग कई महीनो तक वैडरेस्ट पर रहे और कुछ लोगों को गंभीर रूप से घायल भी किया इनसे निजाद पाने के लिए नगर प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाऐ जा रहे हैं
और लगातार नगर में विचर रहे यह आवारा मवेषी लोगों के लिए बड़ी समस्या बने हुए हैं जो भी प्रयास नगर प्रशासन द्वारा इनको लेकर किये जा रहे हैं वह सभी वे-असर नजर आते हैं। माजरा है 24 अक्टूबर 2024 की शाम करीब 04 बजे का नगर के जेठा चौराहे का जहां दो बैल आपिस में भिड़ गए और आने जाने वाले वहीं रुक गए इसी समय कई स्कूली बच्चे भी वहां से गुजर रहे थे हालाकि स्थानीय लोगों ने जैसे-जैसे उन बैलों की लड़ाई को शांत कराया तब जाकर रस्ताएं चालू हुई। उल्लेखनीय है कि नगर की सड़कों और मुख्य चौराहों पर विचर रहे आवारा मवेषियों को लेकर कई बार कई प्लान नगर प्रशासन और जिला प्रशासन द्वारा बनाए जाते हैं और काम भी किया जाता है लेकिन इन आवारा मवेषियों को लेकर नगर में स्थितियां आज भी जस की तस बनीं हुईं हैं। और इस विकराल समस्या से नगर वासियों को छुटकारा नहीं मिल पा रहा है जहां नगर प्रशासन और जिला प्रशासन की कार्रवाई इस ओर हवा हवाई दिखती है।

