0 संत कबीर आश्रम में आयोजित किया गया कबीर अमृतवाणी सत्संग कार्यक्रम
शुभ न्यूज महोबा। संत कबीर आश्रम में प्रत्येक रविवार की भांति इस बार भी संत कबीर अमृतवाणी सत्संग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने मनुष्य को अपनी कमाई से गरीबों और निराश्रितों को दान कर पुन्य करने पर जोर दिया गया साथ ही प्रभु राम की भक्ति और जाप करते हुए अपनी मुक्ति के मार्ग को सरल बनाए जाने पर विचार व्यक्त किया। सत्संग में करीबी दोहो के माध्यम से भी उपस्थित लोगों में सत्य के मार्ग पर चलने के लिए भी प्रेरित किया गया।
समिति प्रमुख एवं सांई डिग्री कालेज के प्राचार्य डा0 एलसी अनुरागी ने कहा कि मनुष्य को अपनी कमाई का दसवां हिस्सा दान करना चाहिए और प्रेमपूर्वक राम नाम का जाप करना चाहिए। कहा कि राम नाम का जाप करने वाला ही सबसे बड़ा ज्ञानी और पंडित होता है। उन्होंने कबीरी दोहा सुनाते हुए कहा कि पोथी पोथी जग मुआ पंडित भया न कोय, ढाई आखर प्रेम का पढै़ सो पंडित होय। सत्यंग को संगीत शिक्षक त्रिलोक ने भजन भीनी भीनी रे चदरिया राम नाम रस भीनीं सुनाया, जिसे सुन श्रोता भाव विभोर हो गए। प्रवक्ता कमता चौरसिया ने भी संतन के संग लाग रे तेरी अच्छी बनेगी भजन सुनाया।
अमृतवाणी सत्संग में लक्ष्मीप्रसाद यादव ने भजन सुनाया कि केकैयी ने बोल दए बोल भरत के नैनन आंसू भर आए, जिसे सुन श्रोताओं की आंखे नम हो गई। कवि लखनलाल चौरसिया ने उम्र भर सहारा दिया हमने जिनको वही आज हमको सताने लगे हैं कविता को खूब सराहा गया। रामऔतार सेन ने कबीरी भजन कब भजहौ सतनाम सुनाया। वरिष्ठ साहित्यकार हरिश्चंद्र वर्मा ने देश भक्तिपूर्ण रचना प्रस्तुत की। सत्संग में प्रस्तुत किए गए भजनों में चंदन और जुगुल ने ढोलक की थाप से मधुर संगीत प्रस्तुत किया साथ ही कमलापत अनुरागी ने करताल बजाते हुए नृत्य प्रस्तुत किया। सत्संग के अंत में आश्रम के पुजारी लखनलाल ने सभी उपस्थित लोगों को प्रसाद वितरण करते हुए आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन डा0 एलसी अनुरागी ने किया।


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