
छतरपुर। छतरपुर जनपद की ग्राम पंचायत बगौता के सुल्लेरन पुरवा में कई वर्षों से शासकीय भूमि पर निवासरत ग्रामीणों ने शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर तहसील कार्यालय के सामने चक्काजाम करते हुए संबंधित जमीनों का मालिकाना हक दिलाकर सुल्लेन पुरवा को आबादी क्षेत्र घोषित करने की मांग की है। दरअसल पिछले कुछ दिनों से इन ग्रामीणों को जमीन से बेदखल किए जाने की चर्चा हो रही है जिस कारण से वे चिंतित हैं और शासकीय कार्रवाई से पहले शासन की स्वामित्व योजना के तहत घरों का मालिकाना हक मांग रहे हैं।
प्रदर्शन कर रहे सुल्लेरन पुरवा निवासी रामलाल अहिरवार, खुशबू अहिरवार आदि ने बताया कि करीब ढाई सैकड़ा परिवार सुल्लेरन पुरवा में शासकीय भूमि पर पिछले करीब 100 वर्षों से काबिज हैं। इसी भूमि पर यह सभी परिवार खेती-किसानी करके भरण-पोषण कर रहे थे। पिछले दिनों शासन ने कृषि भूमि से उन्हें बेदखल कर दिया है। अब परिवारों को सूचना मिली है कि उनके मकान गिराए जाने हैं, जिस कारण से सभी परिवार चिंताग्रस्त हैं। इन्हीं परिवारों ने शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर तहसील कार्यालय के बाहर चक्काजाम किया। करीब एक घंटे तक ग्रामीण हाईवे पर हंगामा करते रहे। बाद में एसडीएम अखिल राठौर ने ग्रामीणों की बात सुनकर उनका ज्ञापन तथा बगौता पंचायत का प्रस्ताव पत्र लेकर उनके हित में कार्रवाई का भरोसा दिया। एसडीएम श्री राठौर ने बताया कि चूंकि उक्त जमीनें विश्वविद्यालय के नवनर्मित भवन के पास स्थित हैं, जिस कारण से एक-दो लोगों को बेदखली का आदेश दिया गया है और इसीके चलते सभी ग्रामीणों को डर सता रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों से इस विषय पर विचार-विमर्श करने के उपरांत ग्रामीणों के हित को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जाएगी।
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