टीकमगढ़। नगर टीकमगढ़ की यातायात व्यवस्थाएं भगवान भरोसे चल रही है जहां शायद ही है कि इन लड़खड़ाई व्यवस्थाओं को पुलिस प्रशासन,जिला प्रशासन ठीक कर सके, इन व्यवस्थाओं को संभालने वाले प्रशासनिक अधिकारी कर्मचारी जिम्मेवारों की इस ओर जिम्मेवरियां देखकर तो ऐसा लगता है कि इन व्यवस्थाओं से नगर वासियों को राहत मिलना बड़ा ही मुश्किल है। नगर वासी यातायात की इन बिगड़ी व्यवस्थाओं से पूरी तरह तंग आ चुके हैं जहां जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की कवायद इस ओर कारगर सिद्ध नहीं हो पा रही है लगातार लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं जहां नगर में एक तो जगह-जगह सड़कों पर आवारा मवेशियों का जमावड़ा और दुकानों के सामने अतिक्रमण सहित तमाम पहलू इस व्यवस्था में शामिल है जिसको लेकर यह व्यवस्था पूरी तरह से चौपट दिखाई देती है वहीं प्रशासन की सख्ती इस ओर ना होना ही ज्यादातर इन व्यवस्थाओं को बिगाड़ रही है अगर सख्ती से इन व्यवस्थाओं को सुधारने की कवायद की जाए तो शायद इस समस्या से नगर वासियों को निजाद मिल सकता है लेकिन प्रशासन की ओर से ढीलपोल और ढला- चला, चल रहा है जिसके चलते आज भी व्यवस्थाएं और हालात जस के तब बने हुए हैं।
वाह री ! नगर की यातायात व्यवस्थाएं चौराहों सहित सड़कों पर लगातार लग रहे जाम
February 28, 2025
टीकमगढ़। नगर टीकमगढ़ की यातायात व्यवस्थाएं भगवान भरोसे चल रही है जहां शायद ही है कि इन लड़खड़ाई व्यवस्थाओं को पुलिस प्रशासन,जिला प्रशासन ठीक कर सके, इन व्यवस्थाओं को संभालने वाले प्रशासनिक अधिकारी कर्मचारी जिम्मेवारों की इस ओर जिम्मेवरियां देखकर तो ऐसा लगता है कि इन व्यवस्थाओं से नगर वासियों को राहत मिलना बड़ा ही मुश्किल है। नगर वासी यातायात की इन बिगड़ी व्यवस्थाओं से पूरी तरह तंग आ चुके हैं जहां जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की कवायद इस ओर कारगर सिद्ध नहीं हो पा रही है लगातार लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं जहां नगर में एक तो जगह-जगह सड़कों पर आवारा मवेशियों का जमावड़ा और दुकानों के सामने अतिक्रमण सहित तमाम पहलू इस व्यवस्था में शामिल है जिसको लेकर यह व्यवस्था पूरी तरह से चौपट दिखाई देती है वहीं प्रशासन की सख्ती इस ओर ना होना ही ज्यादातर इन व्यवस्थाओं को बिगाड़ रही है अगर सख्ती से इन व्यवस्थाओं को सुधारने की कवायद की जाए तो शायद इस समस्या से नगर वासियों को निजाद मिल सकता है लेकिन प्रशासन की ओर से ढीलपोल और ढला- चला, चल रहा है जिसके चलते आज भी व्यवस्थाएं और हालात जस के तब बने हुए हैं।
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