शुभ न्यूज महोबा। जिले में कृषि के लिए काम में आने वाले ट्रैक्टरों का खुलेआम व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है। नियमानुसार इनका उपयोग कृषि क्षेत्र से संबद्ध कार्यो के लिए होना चाहिए, लेकिन ये भवन निर्माण सामग्री की सप्लाई के अलावा एलपीजी गैस सिलैंडरो को उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के काम में लगे हुए हैं। वहीं ट्रैक्टर ट्रालियां चला रहे ज्यादातर ग्रामीण अंचलों के चालकों के पास तो ड्राइविंग लाइसेंस तक नहीं होते और वह बेखौफ होकर ट्रैक्टरों को सड़कों पर दौड़ाते है, जो सड़क दुर्घटनाओं की वृद्धि का कारण बनते हैं। नियमों की धज्जियां उड़ा रहे इन लोगों पर पुलिस द्वारा कोई सख्ती भी नहीं की जा रही है।
जिला सहायक संभागीय कार्यालय में कई सैकड़ा ट्रैक्टर कृषि कार्य में पंजीकृत है। शहर से लेकर कस्बों में कृषि कार्य में पंजीकृत ट्रैक्टर ट्रॉलियों से कारखानों में लकड़ी, भवन सामग्री सहित अन्य सामान ढोए जा रहे है। भूसा लदी ट्रैक्टर ट्रॉलियों में क्षमता से अधिक माल ढोया जाता है। गांव के लोग ट्रैक्टर ट्रॉलियों में बैठकर लंबी दूरी का सफर तय करते हैं। इतना ही शहर में तमाम मोहल्ले में एलपीजी सिलैंडरों से भरी ट्रैक्टर ट्राली पहुंच रही है और उपभोक्ताओं को नियमों का उल्लंघन कर गैस की सप्लाई कर रहे हैं।
सड़क पर चलते हुए चालक ट्रालियों को कब कहां मोड़ दें, कुछ पता नहीं। इस कारण सड़क दुर्घटनाओं का भी अंदेशा बना रहता है। कुछ दिन पूर्व ही एक अनियंत्रित ट्रैक्टर ने महोबकंठ थाना क्षेत्र के हाईवे पर जा दूल्हा निकासी के बाद जा रहे बारातियों को कुचल कर दो लोगों को मौत की नींद सुला दिया था जबकि पांच लोग घायल हो गए थे बावजूद इसके प्रशासन द्वारा कृषि कार्य के स्थान पर व्यवसायिक कार्य करने वाले ट्रैक्टरों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है, लेकिन जब ज्यादा दबाव पड़ता है तो एक एआरटीओ से लेकर यातायात प्रभारी कार्रवाई के नाम पर चेकिंग और चालान करके खानापूर्ति की कार्रवाई करते हैं।
कृषि कार्य के स्थान पर ज्यादातर ट्रैक्टर व्यावसायिक उपयोग में लगे --------0 नियमों का उल्लघंन करने के बाद भी प्रशासन नहीं दिखा रहा सख्ती
March 09, 2025
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