छतरपुर। पिछले 5 दिनों से लगातार विरोध झेल रहीं महाराजा छत्रसाल बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय की कुलगुरू प्रो. शुभा तिवारी के प्रति लोगों में गुस्सा कम होने की बजाय लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार को जिला मुख्यालय पर सर्व हिन्दू समाज द्वारा कुलगुरू का जोरदार विरोध किया गया। मोटे के महावीर मंदिर में जिले भर से हजारों की तादाद में हिन्दू समाज के लोग एकत्रित हुए और इसके बाद विशाल रैली निकालकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे।
मोटे के महावीर मंदिर से शुरु हुई विरोध रैली छत्रसाल चौक से चौबे तिराहा होते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंची। इस दौरान हिन्दू धर्मावलंबियों ने कुलगुरू द्वारा दिए गए वक्तव्य का विरोध जताते हुए उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की। गौरतलब है कि इस मामले में कुलगुरू प्रो. शुभा तिवारी द्वारा अपने शब्द वापिस लेने की बात कही जा चुकी है लेकिन उनके द्वारा स्पष्ट रूप से माफी न मांगे जाने के कारण लोगों में उनके प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।
इतना ही नहीं गत रोज विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा एक लिखित माफीनामा भी जारी किया गया था लेकिन माफीनामा पर कुलगुरू के स्थान पर कुलसचिव के हस्ताक्षर होने से लोग और अधिक नाराज हो गए। सर्व हिन्दू समाज ने जिला प्रशासन के माध्यम से मध्यप्रदेश के राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर कुलगुरू को पद से हटाने की मांग रखी और अन्यथा की स्थिति में उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
क्या बोले हिन्दुधर्मावलंबीविरोध प्रदर्शन में शामिल युवा हिन्दू नेता प्रखर भट्ट ने कहा कि कुलगुरू ने माता सीता, भगवान राम और रामचरित मानस पर जो आपत्तिजनक वक्तव्य दिया है उससे हिन्दू समाज आहत है। ऐसी मानसिकता वाले अधिकारी स्वत: अपना बोरिया-बिस्तर बांध लें अन्यथा छतरपुर का हिन्दू समाज उन्हें भगाने का काम करेगा। वीडियो वायरल होने के बावजूद कुलगुरू द्वारा स्पष्ट रूप से माफी नहीं मांगी गई है, जो कि उनके अहंकार को प्रदर्शित करता है।
वामपंथी विचारधारा को बढ़ावा दे रहीं कुलगुरू: रामगोपाल यादव
हिन्दू धर्मावलंबी रामगोपाल यादव ने कहा कि कुलगुरू प्रो. शुभा तिवारी ने अपने वक्तव्य से वामपंथी विचारधारा को बढ़ावा देने का काम किया है। ऐसे कुलगुरू की छतरपुर और महाराजा छत्रसाल बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय को कोई आवश्यकता नहीं है। आशा है कि राज्यपाल उन्हें जल्द से जल्द बर्खास्त करेंगे।
विश्वविद्यालय को जेएनयू बनाने की कोशिश कर रहीं कुलगुरू: नीरज भार्गव
समाजसेवी नीरज भार्गव ने कहा कि कुलगुरू प्रो. शुभा तिवारी ने भगवान राम और माता सीता के चरित्र पर सवाल खड़े किए गए हैं, वह निंदनीय हैं। कुलगुरू लगातार अपनी वामपंथी मानसिकता को प्रदर्शित करती रही हैं। पूर्व में उन्होंने जूते पहनकर मां सरस्वती का पूजन भी किया था। वे महाराजा छत्रसाल बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय को जेएनयू बनाने की कोशिश कर रही हैं, जो कि हम होने नहीं देंगे।
जब गलत नहीं बोला तो, शब्द वापिस क्यों लिए: सूरज बुंदेला
युवा हिन्दू नेता सूरज बुंदेला ने कहा कि कुलगुरू पहले दिन से ही अपने द्वारा कही गई बातों को खारिज करती आ रही हैं लेकिन इसके बाद भी उन्होंने अपने शब्द वापिस लेने की बात कही। अब सवाल यह है कि जब आपने कुछ गलत नहीं बोला तो वह कौन से शब्द हैं जिन्हें आप वापिस लेने की बात कह रही हैं। उन्होंने कहा कि कुलगुरू प्रो. शुभा तिवारी को तुरंत उनके पद से हटाया जाए।
कुलगुरू का वक्तव्य क्षमा के लायक नहीं: धर्माचार्य राघवेन्द्र मिश्रा
विश्व हिन्दु परिषद के धर्माचार्य राघवेन्द्र मिश्रा ने कहा कि मां जानकी हमारी परम आराध्य हैं, यदि हिन्दुस्तान में रहने वाला कोई व्यक्ति मां सीता या हमारे ग्रंथों पर सवाल खड़े करता है तो उसका यह कार्य क्षमा योग्य नहीं है। कुलगुरू प्रो. शुभा तिवारी पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जानी चाहिए।
कुलगुरू जैसे महत्वपूर्ण पद पर शुभा तिवारी का बैठना उचित नहीं: स्वेच्छा पाठक
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य स्वेच्छा पाठक ने कहा कि कुलगुरू द्वारा माता सीता और भगवान राम का अपने वक्तव्य के माध्यम से अपमान किया गया है, संपूर्ण हिन्दू समाज उनकी बातों से आहत है। वे वामपंथी विचारधारा से पोषित हैं इसलिए कुलगुरू जैसे महत्वपूर्ण पद पर उनका बैठना उचित नहीं है।


