0 सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज में महाराणा प्रताप जयंती पर कार्यक्रम आयोजित
शुभ न्यूज महोबा। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज महोबा में शुक्रवार को भारतीय इतिहास के वीर शिरोमणि, राष्ट्रीय स्वाभिमान के प्रतीक महाराणा प्रताप जयंती एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जयंती समारोह की शुरुआत महाराणा प्रताप के चित्र पर माल्यार्पण किया गया। इसके बाद शिक्षकों ने महाराणा प्रताप के जीवन पर प्रकाश डाला साथ हीं विद्यार्थियों द्वारा बैद्धिक एवं कविता पाठ किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संगीताचार्य जगप्रसाद तिवारी ने कहा कि भारत के धार्मिक तथा सांस्कृतिक आजादी की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले महाराणा प्रताप का नाम इतिहास के स्वर्णीम अक्षरों में दर्ज हैं। उन्होंने घास की रोटी खाकर भी अपने मातृभूमि की रक्षा के लिए आजीवन मुगलों से लड़ते रहे। अपने जीवन मे 35 से अधिक लड़ाई लड़ कर उन्होंने मुगलों को पराजित किया। उन्होंने देश, धर्म एवं स्वाधीनता के लिए सब कुछ न्यौछावर कर दिया। गणित प्रवक्ता आदित्य मिश्रा ने कहा कि महाराणा प्रताप शौर्य एवं साहस के प्रतीक और जीवन प्रेरक हैं और इनके योगदान की जानकारी युवा पीढ़ी तक पहुंचनी चाहिए।
आचार्य जयनारायण ने महाराणा प्रताप के शौर्य गाथा का वर्णन करते हुए कहा कि मुगलों की विराट सेना से 1576 में हल्दीघाटी में उनका भारी युद्ध हुआ। वहां उन्होंने जो पराक्रम दिखाया, वह भारतीय इतिहास में अद्वितीय है। उन्होंने अपने पूर्वजों की मान मर्यादा की रक्षा की और प्रण किया की जब तक अपने राज्य को मुक्त नहीं करवा लेंगे, तब तक राज्य सुख का उपभोग नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप अपने पराक्रम व शौर्य के लिए पूरी दुनिया में मिसाल के तौर पर जाने जाते हैं। एक ऐसा राजपूत सम्राट जिसने जंगलों में रहना पसंद किया लेकिन कभी विदेशी मुगलों की दासता स्वीकार नहीं की। इस मौके पर विद्यालय के समस्त शिक्षक और विद्यार्थी मौजूद रहे।


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