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थाने में नग्न करके पीटा, फिर 80 हजार लेकर छोड़ा


महाराजपुर पुलिस की बर्बरता की देखें तस्वीर, पीडि़त ने पुलिस अधीक्षक से लगाई न्याय की गुहार, थाना प्रभारी पर गंभीर आरोप



छतरपुर
। जिले की वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की चुप्पी के कारण थानों में पदस्थ थानेदार और पुलिस अपनी मनमानी पर उतारू है, जिस कारण से जिले के अधिकारियो की छवि धूमिल हो रही है, थाना में रिश्वतखोरी चरम सीमा पर है फरियादी हो या आरोपी पुलिस को तो केवल पैसों से कम है, ऐसा एक मामला छतरपुर जिले के महाराजपुर थाना क्षेत्र में देखने को मिला जहां पर एक युवक ने महाराजपुर थाना प्रभारी सहित पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने पहले उसके साथ नग्न कर जमकर मारपीट की ओर फिर 1 लाख रुपये
 की मांग की, पीड़ित युवक के पिता ने जैसी तैसी कर्ज लेकर 80 हजार रुपए पुलिस के दिए तब जाकर उसके बेटे को पुलिस ने छोड़ा, जिसका ऑडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, युवक की पीठ पर मारपीट के निशान देखकर आप खुद ही अंदाजा लगा सकते हैं कि पुलिस ने पैसों के लिए किस तरह से मारपीट की है, पीड़ित युवक ने पुलिस अधीक्षक  से न्याय की गुहार लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कर महारहपुर थाना प्रभारी और पुलिसकर्मी पर सख्त कार्यवाही की मांग की है,
 


बताते चले कि  पड़ोसी जिले उत्तरप्रदेश के अजनर थाना अंतर्गत आने वाले ग्राम बम्होडिय़ा के रहने वाले अनिल यादव ने बताया कि वह 6 मई को वह अपनी जेसीबी मशीन से महाराजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम ढिगपुरा में गोबर की खाद डालने गया था, इसी दौरान बर्रोही गांव के अखिलेश यादव, दीपेंद्र यादव, सोहन यादव, बॉबी यादव और दो अन्य लोगों ने जबरन उसकी मशीन छीन ली। घटना के बाद अनिल, शिकायत करने महाराजपुर थाना गया, जहां पुलिस ने उसे बैठा लिया। अनिल के मुताबिक पुलिस ने मशीन छीनने वालों को थाने बुलाया और उनसे पैसे लेकर उन्हें तुरंत छोड़ दिया, जबकि उसे थाने में ही बैठाया गया। कुछ समय बाद सवाल किए जाने पर थाना में पदस्थ मुंशी ओमप्रकाश, सिपाही हरदेव कुशवाहा और जय कुमार ने उसके साथ बेतहाशा मारपीट की। अनिल के मुताबिक पुलिसकर्मियों ने थाने के भीतर उसे निर्वस्त्र करके घंटों तक पीटा। ?अनिल ने बताया कि मारपीट के बाद थाना प्रभारी ने उससे 1 लाख रुपए की मांग की। अनिल ने पूरी जानकारी अपने पिता कालका यादव को दी, जिसके बाद वे 80 हजार रुपए ब्याज पर लेकर बेटे को छुड़ाने पहुंचे। अनिल ने बताया कि पुलिस ने 80 हजार रुपए लेने के बाद उसे 500 रुपए की रसीद दी और छोड़ दिया। अनिल ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आवेदन देकर मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।
 

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