0 हिन्दी पत्रकारिता न केवल भारतीय लोकतंत्र की आवाज : इरफान पठान
शुभ न्यूज महोबा। हिंदी पत्रकारिता केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाजहित में समर्पित एक मिशन है। पत्रकारिता का मूल उद्देश्य जनता की आवाज को मुखर करना, सत्ता से सवाल पूछना और सामाजिक समस्याओं को उजागर कर समाधान की दिशा में विमर्श स्थापित करना। पत्रकार साथियों को सच्चाई और निष्पक्षता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए, क्योंकि यही लोकतंत्र की असली ताकत है।
उक्त विचार संगठन के बुंदेलखंड प्रभारी इरफान पठान ने शुक्रवार को नगर के सेवन एप्पल होटल में हिन्दी पत्रकारिता दिवस के मौके पर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया हाउस से जुड़े पत्रकारों की एक विचार गोष्ठी कार्यक्रम मे व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि हिन्दी पत्रकारिता न केवल भारतीय लोकतंत्र की आवाज रही है, बल्कि सामाजिक चेतना, जनजागरण एवं राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में भी इसका अतुलनीय योगदान रहा है। कहा कि एक अच्छा पत्रकार कई महत्वपूर्ण गुणों का संयोजन है उसमें भाषा पर अच्छी पकड़, विश्लेषणात्मक क्षमता, सच्चाई और निष्पक्षता के प्रति समर्पण और दुनिया को समझने की व्यापक रुचि होनी चाहिए साथ ही एक अच्छे पत्रकार को साहसी, जिज्ञासु और धैर्यवान होना चाहिए। वरिष्ठ पत्रकार मनोज ओझा ने भी युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज की पत्रकारिता में चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन ईमानदारी और निष्ठा के साथ काम करने वाले पत्रकार कभी पराजित नहीं होते। उन्होंने आने वाली पीढ़ी के पत्रकारों को सजग, संवेदनशील और साहसी बनने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों से समझौता किए बिना समाज के मुद्दों को प्रमुखता से उठाना ही पत्रकार की असली पहचान है।
गोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार एवं प्रेस क्लब ऑफ यूपी के संगठन संरक्षक अमित श्रोतिय ने कहा कि भारत में हिन्दी पत्रकारिता की न केवल आजादी के संघर्ष में बल्कि उससे पूर्व के गुलामी की बेड़ियों में जकड़े राष्ट्र की संकटपूर्ण स्थितियों में महत्वपूर्ण भूमिका रही है। कहा कि हिंदी पत्रकारिता या स्थानीय पत्रकारिता, लोगों को उनकी भाषा में जानकारी उन तक पहुँचाता है और देश भर में ज्ञान के व्यापक प्रसार को सुगम बनाता है। हिंदी पत्रकारिता दिवस के मौके पर सभी पत्रकारों ने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दी। इस मौके पर कफील अहमद, इमरान खान, भरत त्रिपाठी, रुस्तम खान, शारिक नवाज़, धर्मेंद्र कुमार, अनीस मंसूरी, शान मुहम्मद, मुहम्मद आसिफ, गुलाब कुशवाहा, दिलशाद मंसूरी, राजीव तिवारी, अजय श्रीवास सहित अन्य पत्रकार साथी प्रमुख रूप से मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी पत्रकारों ने एकमत होकर यह संकल्प लिया कि वे निष्पक्ष, निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता को आगे बढ़ाते रहेंगे और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की गरिमा को बनाए रखेंगे।


