टीकमगढ़ । मानसून की दस्तक के साथ संभावित प्राकृतिक आपदाओं जैसे अचानक बाढ़, नदी-नालों में जलस्तर वृद्धि एवं जलभराव जैसी परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए टीकमगढ़ पुलिस पूरी तरह से सतर्क और सक्रिय है। पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई के नेतृत्व में जिलेभर में आपदा प्रबंधन राहत एवं बचाव और जन-जागरूकता को लेकर एक व्यापक कार्ययोजना लागू की गई है। पुलिस ने मानसून के मौसम में संभावित आपदाओं से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। पुलिस विभाग ने आपदा प्रबंधन टीम को अलर्ट मोड पर रख दिया है।
शनिवार को कुंडेश्वर स्थित जमडार नदी के तट पर एसडीआरएफ और पुलिस की संयुक्त टीम ने प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान स्थानीय नागरिकों और वॉलेंटियर्स को राहत कार्यों की तकनीक सिखाई गई। उन्हें सुरक्षा उपकरणों के उपयोग और पानी में फंसे लोगों को बचाने का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
एसडीओपी राहुल कटरे ने बताया कि मानसून में बाढ़ और जलभराव जैसी स्थितियों को देखते हुए एक व्यापक कार्ययोजना बनाई गई है। सभी थाना प्रभारियों को नदी घाटों और नालों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।पुलिस ने जिले के हर थाना क्षेत्र में वॉलेंटियर्स की टीम तैयार की है। इन वॉलेंटियर्स को पहले ही आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे मानसून के दौरान सावधानी बरतें और नदी-नालों से दूर रहे।
आपात स्थिति में नागरिक 100, 112 या स्थानीय थाना प्रभारी से संपर्क कर सकते हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम में एसडीओपी टीकमगढ़ राहुल कटरे, थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक उपेंद्र छारी, एसडीआरएफ प्रभारी अधिकारी अमित दुबे और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
टीकमगढ़ पुलिस की अपील:
सभी नागरिक मानसून के दौरान सावधानी बरतें, तटवर्ती क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें, किसी भी आपात स्थिति में तुरंत पुलिस या प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना दें।
आपकी सतर्कता, हमारी तैयारी और मिलकर किया गया प्रयास – यही आपदा प्रबंधन की सबसे बड़ी ताकत है।


