0 प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय महोबा में मनाई गई मातेश्वरी जगदंबा सरस्वती की पुन्य स्मृति
शुभ न्यूज महोबा। शहर के प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय में ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान की प्रथम प्रशासिका मातेश्वरी जगदंबा सरस्वती की 60वीं पुन्य स्मृति को आध्यात्मिक ज्ञान दिवस के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम में मातेश्वरी के दिव्य जीवन पर प्रकाश डाला गया साथ ही उनके त्याग, तपस्या और सेवा से समस्त मानव समुदाय को जीवन मुक्ति की राह दिखाने तथा नारियों को आध्यात्मिकता के पथ पर चलते हुए समाज की सेवा करने के लिए प्रेरणा प्रदान किए जाने पर वक्ताओं ने प्रकाश डाला।
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की क्षेत्रीय संचालिका राजयोगिनी बीके सुधा बहन ने मातेश्वरी जगदंबा जी के दिव्य जीवन को दर्शाते हुए कहा कि मातेश्वरी हमेशा कहतीं थीं कि शरीर निर्वाह कर्म करते हुए भी उस ईश्वर को हमेशा याद करते रहना चाहिए, क्योंकि उसको जवाबदारी देंगे तभी हम निश्चिंत रहेंगे। सभी को आत्मा रूप में देखने का पुरुषार्थ किया। मातेश्वरी कहती थी कि हमेशा अपने को पवित्र रखो और अपने कर्मों को श्रेष्ठ बनाओ ये उसका हुक्म है। उनका स्लोगन रहता था हुकमी हुक्म चला रहा और हर घड़ी अंतिम घड़ी है इसलिए हमें अपने पुरुषार्थ को तीव्र करना है। कहा कि हमेशा हां जी पार्ट बजाया तभी कम समय में संस्था की पहली एडवांस पार्टी में पहुंच कर सम्पन्न ओर संपूर्ण बनी।
चरखारी उप सेवाकेंद्र संचालिका बीके जयदेवी बहन ने कहा कि मातेश्वरी जी ने अपने मातृत्व और वात्सल्यपूर्ण नेतृत्व कौशल से सभी के दिलों पर राज किया। उनका नियमित और मर्यादापूर्ण जीवन सभी के लिए आज भी आदर्श मिसाल है। कहा कि प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की वर्ष 1937 में स्थापना के समय संस्थापक ब्रह्मा बाबा ने जब माताओ बहनों के नाम एक ट्रस्ट बनाया तो उसकी जिम्मेदारी सबसे पहले मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती को दी गई थी। तब से लेकर 24 जून 1965 तक आपने कम उम्र होने के बादभी इस ईश्वरीय विश्व विद्यालय की कुशलापूर्वक जिम्मेदारी को निभाया। बहन द्वारा मम्मा के जीवन विशेष रहस्यमयी संस्मरण सुनाए गए। कार्यक्रम में शामिल बीके रागिनी बहन, बीके साधना बहन, बीके बबीता बहन, बीके रिचा बहन, बीके हेमा बहन, बीके प्रतीक्षा बहन आदि बीके भाई बहनों ने मम्मा के जीवन पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के अंत में सभी भाई बहनों ने ब्रह्माभोजन स्वीकार किया।
हमेशा अपने को पवित्र रखकर अपने कर्मों को बनाओ श्रेष्ठ : सुधा बहन
June 25, 2025
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