Type Here to Get Search Results !
पाए सभी खबरें अब WhatsApp पर Click Now

हजारों प्रधानाध्यपकों को सरप्लस घोषित किए जाने से पनप रहा आक्रोष




0 उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने विरोध जताते हुए विधायक को सौंपा ज्ञापन
शुभ न्यूज महोबा। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के नेतृत्व में सैकड़ों शिक्षक गुरूवार को प्राथमिक विद्यालयों में छात्र संख्या 50 से कम तथा उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 100 से कम छात्र संख्या होने पर विद्यालयों को प्रधानाध्यापक विहीन करते हुए हजारों प्रधानाध्यापकों को सरप्लस घोषित किए जाने के विरोध में आक्रोश व्यक्त करते हुए एक स्वर के साथ आवाज उठाई गई। संघ ने इस आशय का मुख्यमंत्री को एक संबोधित ज्ञापन सांसद और विधायक को सौंपते हुए उक्त आदेश को निरस्त करने की मांग उठाई है।
प्राथमिक शिक्ष संघ द्वारा दिए गए ज्ञापन में बताया कि उत्तर प्रदेश शासन द्वारा हजारों स्कूलों को पेयरिंग के नाम पर बंद किया जा रहा है और प्रदेश के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय जिनकी संख्या में है उनके हजारों प्रधानाध्यापको को सरप्लस घोषित कर दिया है। बताया कि इससे पूर्व एक ही परिसर में स्थित लगभग 20 हजार स्कूलों का संविलियन करके प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के पद समाप्त कर दिए। वर्ततान में चल रही जर्जर प्रक्रिया से जहां छात्रों से विद्यालयों की दूरी अधिक होगी वहीं हजारो रसोइयों की सेवा समाप्त हो जाएगी और इस निर्देश को पूर्ण करने के लिए बीएसए विभाग द्वारा संबधित प्रधानाध्यापकों एवं ग्राम प्रधान, विद्यालय प्रबंध समिति पर दबाव बनाकर स्कूल बंद करने के संमर्वन में प्रस्ताव भी मांगे जा रहे हैं।
ज्ञापन में बताया कि लाकतंत्र में इस प्रकार विद्यालय बंद करके नौनिहालों की श्ज्ञिक्षा से खिलवाड़ कर हजारो प्रधानाध्यापकों के पद एवं रसोईयें की सेवा समाप्ति का रास्ता बनाय जा रहा हैं। संघ ने बताया कि 30 जून 2025 को प्रदेश के 822 ब्लाकों में संघ पदाधिकारी बंद किए जाने वाले स्कूलों के छात्रों के अभिभावकों एवं ग्राम प्रधान की बैठक में इस निर्णय के विरुद्ध जबरदस्त रोष देखने को मिला साथ ही श्ज्ञिक्षक एवंज न समुदाय ने एक स्वर से इस निर्णय का विरोध करने का प्रस्ताव भी परित किया है। ज्ञापन में संघ ने अनुरोध करते हुए कहा कि परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए विद्यालयों को पेयरिंग किए जाने तथा कम छात्र संख्या वाले प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों को प्रधानाध्यापक विहीन करते हुए हजारो प्रधानाध्यापकों को सरप्लस घोषित करने संबन्धी आदेश को निरस्त करने की मांग उठाई है। ज्ञापन देने वालों में संघ के जिलाध्यक्ष रमाकांत मिश्रा, जिला मंत्री हरनारायण अनुरागी, कुलदीप तिवारी, दयाराम वर्मा, नवनीत मिश्र, नीतेश तिवारी, जयनारायण तिवारी, विजय वर्मा, प्रवीण सिंह, ओम प्रकाश तिवारी सहित सैकड़ों शिक्षक मौजूद रहे।
इंसेट
कांग्रेसियों ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन 


महोबा। प्रदेश सरकार द्वारा 50 हजार प्राइमरी व जूनियर विद्यालयों को मर्ज किए जाने के निर्णय के खिलाफ जिला कांग्रेस कमटी महोबा जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए सरकार द्वारा लिए गए निर्णय को वापस लिए जाने की मांग की है। ज्ञापन में बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं, छात्रां और बेरोजगारों के प्रति पूरी तरह उदासीन रवैया अपनाए हुए है और उन्हें हर तरह से प्रताड़ित करने का कार्य कर रही है। बताया कि अभी हाल में सरकार ने 50 हजार जूनियर व प्राइमरी विद्यालयों को मर्ज करने का निर्णय लिया गया जो छात्रा और शिक्षक विरोधी निर्णय है जिसका व्यापक दुष्परिणाम सुदूर गांव के छात्रों पर पड़ेगा। बताया कि इस निर्णय से मिडडे मील के तहत स्कूलों में बनने खाना बनाने वालों को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा। ज्ञापन में इस निर्णय को तत्काल वापस लिए जाने की कांग्रेसियों ने मांग उठाई है। ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष के अलावा कमेटी के जिला सचिव अशोक कुमार राजपूत, जिला महा सचिव प्रमोद कुमार, कोषाध्यक्ष देशराज रैकवार, मुकेश सक्सेना, बिन्द्रावन कुशवाहा सहित तमाम कांग्रेसी शामिल रहे।


- - इसे भी पढ़ें - -

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad