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टीकमगढ़ की स्वाती तिवारी को मिली डॉक्टरेट उपाधि, शोध ने खोले शिक्षा-जगत के नए आयाम, शिक्षा की साधना से रचा स्वर्णिम इतिहास, टीकमगढ़ की स्वाती तिवारी बनीं ‘डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी’


टीकमगढ़। शहर की डॉ. स्वाती तिवारी, पत्नी डॉ. योगेश तिवारी, ने अपनी अकादमिक साधना और शोध की तपस्या से शिक्षा-जगत में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर ने उन्हें डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (Ph.D.) की उपाधि प्रदान कर सम्मानित किया है। यह शोधकार्य उन्होंने डॉ. दीप्ति भटनागर के कुशल निर्देशन में पूरा किया।

डॉ. स्वाती तिवारी ने भौतिकी में एम.एससी. की उपाधि प्राप्त की है और यूजीसी नेट भी उत्तीर्ण किया है। उनका शोध विषय था—

“उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों की संवेगात्मक बुद्धि एवं कार्य पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन (ग्वालियर नगर के विशेष संदर्भ में)”।यह शोध न केवल शैक्षिक मनोविज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान है, बल्कि शिक्षण-प्रणाली की गुणवत्ता और शिक्षक-छात्र संबंधों की गहराई को समझने का मार्ग भी प्रशस्त करता है

इस उपलब्धि पर मध्यप्रदेश शिक्षक संघ, टीकमगढ़ के जिलाध्यक्ष प्रमोद कुमार नापित, डॉ. मुकेश तिवारी, ओ.पी. तिवारी, मनोज तिवारी, अशोक कुमार तिवारी, रामकृष्ण तिवारी, अतुल कुमार दुबे, डॉ. योगेश तिवारी, सुरेंद्र भदौरिया, नरेश तिवारी, भास्कर तिवारी, श्रीमती मोहिनी तिवारी और श्रीमती प्रतिमा तिवारी ने हार्दिक बधाइयाँ और शुभकामनाएँ प्रेषित की हैं।

रामराजा कॉलोनी, ढोगा (एयरटेल टावर के सामने) निवासी डॉ. स्वाती तिवारी की इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार और नगर को गौरवान्वित किया है, बल्कि टीकमगढ़ को शैक्षणिक जगत में एक विशिष्ट पहचान भी दिलाई है।


!! शुभ न्यूज़ टीकमगढ़ !!

मो +91 9424573863 !!







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