Type Here to Get Search Results !
पाए सभी खबरें अब WhatsApp पर Click Now

शासन के नियम कानून को ताक मे रखने वाले कार्यपालन यंत्री महेन्द्र सिंह के खिलाफ आखिर क्यो नही हो रही कार्यवाही


पन्नापन्ना जिले के लोक स्वास्थ यंत्रीकीय विभाग मे विगत चार वर्ष से पदस्थ कार्यपालन यंत्री महेन्द्र सिंह द्वारा शासन के नियम कानून एक तरफ रखकर मनमाने ढंग से कार्य किया जा रहा है। जहां एक ओर उनके द्वारा वाहन का दुरपयोग करने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ था, साथ ही जल जीवन मिशन मे व्याप्क स्तर पर फर्जीवाडा किया गया है तथा जिले के विभिन्न विद्यालयो एवं आगनवाडीयो मे मनमाने ढंग से नल फिटिंग करके करोडो का फर्जीवाडा किया गया। अब उनके द्वारा एक बडा फर्जीबाडा किया गया है। लोक स्वास्थ यंत्रीकीय विभाग मे हेल्पर के पद पर पदस्थ रामकृपाल पिता सुकरू चौधरी जिसके द्वारा नत्थु लाल वर्मा के साथ बुरी तरह मारपीट की गई थी। जिसको लेकर फरियादी नत्थु लाल वर्मा ने कोतवाली पन्ना मे रिपोर्ट की थी जिसके आधार पर अपराधी रामकृपाल चौधरी पिता सुकडू खेजडा मंदिर के पास की रिपोर्ट पर संबंधित राम कृपाल के खिलाफ प्रकरण क्रमांक 2189/2015 धारा 323, 294, 325, 34 का मामला दर्ज हुआ था, तथा उक्त प्रकरण न्यायालय मे प्रस्तुत किया गया था। जिसमे माननीय न्यायालय द्वारा 28.06.2019 को निर्णय एवं दण्डादेश पारित किया गया था। जिसमे आरोपी राम कृपाल सहित अन्य को एक एक वर्ष का कारावास तथा पन्द्रह-पन्द्रह सौ रूपये के जुर्माना से दण्डित किया गया था। आरोपी लगभग दो माह जेल मे रहा इसके बाद राम कृपाल द्वारा सत्र न्यायालय पन्ना मे अपील प्रस्तुत की गई थी जिसमे वह अपील भी निरस्त हो गई थी। इसके बावजूद विभाग के अधिकारी द्वारा राम कृपाल को निलंबित भी नही किया गया और न ही कोई कार्यवाही की गई तथा फिर से नोकरी पर रख लिया गया है तथा उसको बकायदा वेतन भी दी जा रही है। गौरतलब है कि विभाग द्वारा संबंधित के खिलाफ कार्यवाही न करना न्याय प्रकिया का खुला उल्लघंन है। जब तक संबंधित व्यक्ति न्यायालय से दोष मुक्त नही हो जाता तब तक उसे फिर से नोकरी मे नही रखा जा सकता है। लेकिन पीएचई विभाग के कार्यपालन यंत्री महेन्द्र सिंह तथा लिपिक लोकेन्द्र भदोरिया द्वारा संबंधित अधिकारी से मोटी रकम लेकर उसे फिर से नोकरी मे रख लिया है, जो अभी पवई मे पदस्थ है। ज्ञात हो कि महेन्द्र सिंह अनेक कारनामो के चलते चर्चाओ मे है, बताया जाता है कि इस मामले मे जिला कलेक्टर द्वारा भी पत्र जारी कर संबंधित को नियम विरूद्ध नियुक्त करने वाले को हटाने संबंधित पत्र जारी किया गया था उसके बावजूद आज दिनांक तक कार्यपालन यंत्री द्वारा उसे नही हटाया गया है। पीडित तथा आम लोगो ने संबंधित कार्यपालन यंत्री महेन्द्र सिंह के खिलाफ जिला कलेक्टर से कडी कार्यवाही करने की मांग की है।


- - इसे भी पढ़ें - -

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad