घटना के विवरण अनुसार फरियादी गनपत पुत्र मनसुख अहिरवार 65 वर्ष निवासी टीला ने 18 सितम्बर 2022 को थाना उपस्थित होकर इस आशय की रिपोर्ट की कि सुबह करीब 9 वजकर 30 बजे उसका लड़का सुरेन्द्र अहिरवार घर से लेटरिंग करने ख्वारा की टोरिया पर गया था जो करीब 10 बजे भतीजा मिलन अहिरवार दौड़कर घर आया और मुझे बताया कि तुम्हारा लड़का सुरेन्द्र अहिरवार को रामकृपाल उर्फ पोस्ती अहिरवार ने चाकू मार दिया है और वह घायल अवस्था में ख्वारा की टोरिया मशान बाबा चबुतरा के सामने रास्ते में डला है। रामकृपाल उर्फ पोस्ती पहाड़ी तरफ दौड़कर भाग गया है इतना सुनकर फरियादी मिलन, प्रीतम, संतोष अहिरवार घर से दौड़कर ख्वारा की टोरिया पर गये तो देखा कि उसका लड़का सुरेन्द्र अहिरवार तड़प रहा था। सुरेन्द्र ने बताया कि रामकृपाल मुझे चाकू मारकर भाग गया है। इतना बताने के बाद उसकी मृत्यु हो गई। मृतक सुरेन्द्र को सीना में दाहिने तरफ पसली में सामने पेट में वाई तरफ और वायें कंधा के पीछे चाकू के घाव थे और खून बह रहा था। रामकृपाल उर्फ पोस्ती ने मेरे लड़के सुरेन्द्र की चाकू मारकर हत्या कर दी है।
उक्त रिपोर्ट को कायम कर प्रकरण विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान शव पंचनामा कार्यवाही घटना स्थल का निरीक्षण पीएम रिपोर्ट फरियादी और साक्षीगण के कथन पहचान पंचनामा जप्ती आदि की कार्यवाही की गई एवं आरोपी के विरूद्ध अपराध 302 भादंवि को घटित पाये जाने से धारा 27 साक्ष्य अधिनियम का मेमो लिया जाकर एवं मेमों के अनुसार उससे स्टील का चाकू एवं आरोपी द्वारा घटना के समय पहने हुये कपड़े जप्त कर उसे गिरफ्तार किया गया एवं समस्त विवेचना उपरांत अभियुक्त के विरूद्ध विचारण के लिए अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। न्यायालय द्वारा अभियुक्त के विरूद्ध धारा 302 के तहत आरोप विरचित कर प्रकरण विचारण में लिया गया। संपूर्ण विचारण उपरांत माननीय न्यायालय द्वारा 19 जनवरी 2024 को निर्णय पारित करते हुए अभियुक्त रामकृपाल उर्फ पोस्ती अहिरवार को दोषसिद्ध ठहराते हुए धारा 302 के अपराध में आजीवन कारावास एवं 5 सौ रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी जैनेन्द्र कुमार जैन, जिला अभियोजन अधिकारी द्वारा की गई।

