घटना की खबर मिलते ही जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक पहुंचे मौके पर
महोबा। पत्थर मण्डी कबरई के पहरा गांव में पहाड़ धसकने से तीन मजदूरों की मौत होने की खबर है, जबकि दो मजदूरों के दबे होने की बात कही जा रही है, खबर मिलते ही जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंच गये है दमकल दस्ते ने यहां पहुंचकर रेस्क्यू आॅपरेशन शुरू कर दिया है बचाव व राहत के काम किये जा रहे है रेस्क्यू आॅपरेशन करके दो लोगों मलबे से निकाला गया है इन दोनों की मौत हो चुकी है दो अन्य मजदूरों घायल अवस्था में बाहर निकाला गया है और उन्हें उपचार के लिये जिला अस्पताल लाया गया है इनमें से जिला अस्पताल में एक घायल की मौत की बात कही जा रही है।
बताया जाता है कि कबरई स्थित पहरा गांव में एक पहाड़ पर ब्लास्टिंग के लिये यहां होल किया जा रहा है था और कुछ मजदूर पहाड़ के नीचे मशीनों की सफाई समेत अन्य कामों पर लगे हुये थे तभी पहाड़ का एक भाग भरभराकर नीचे गिर पड़ा और मलबे में मजदूर दब गये। खबर लगते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गये है जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक लगातार बचाव और राहत कायर् पर नजर रखे हुये है दमकल दस्ता यहां लगातार रेस्क्यू आॅपरेशन कर रहा है, अग्निशमन अधिकारी देवेश तिवारी रेस्क्यू आॅपरेशन में लगातार लगे हुये है। अभी तक तीन मजदूरों के मलबे में दबकर मौत होने की खबर सामने आयी है जबकि रेस्क्यू आॅपरेशन में मलबे में दबे दो मजदूरों को घायल अवस्था में बाहर निकाला गया है और उन्हें उपचार के लिये जिला अस्पताल भेजा गया है। यह घटना दोपहर बाद पहरा स्थित पहाड़ पर हुई है। खबर लगते ही जिलाधिकारी मृदुल चैधरी व पुलिस अधीक्षक अपर्णा गुप्ता अन्य पुलिस व प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंच गये है। मलबे में दबकर मरने वाले मजदूरों में प्रेम चन्द्र निवासी ज्यौराहा, रामफल, रामकिशन मृतकों में शामिल है जबकि घायलों में धीरू सिंह निवासी बसारी शामिल हैं, जबकि एक मजदूर की मलबे में तलाश की जा रही है जिसका नाम कुलदीप बताया जा रहा है।
पहाड़ से गिरे पत्थरों से एलएलटी मशीन व टैªक्टर हुये चकनाचूर
महोबा। पहरा पहाड़ पर हुई घटना इतनी ददर्नाक थी कि पहाड़ के नीचे काम के लिये खड़ी दो एलएनटी मशीनें व दो ट्रैक्टर पहाड़ के पत्थर के मलबे से दबकर चकनाचूर हो गये, इतना ही नही पहरा पहाड़ पर घटित इस घटना से आस-पास के क्षेत्र में कोहराम मच गया यहां यह भी बताना जरूरी है कि यह पहरा पहाड़ बस्ती से लगा हुआ है जिस कारण जब यह हादसा हुआ तो गांव के लोग तत्काल मौके पर पहुंचे और चारों ओर रौने व खींचने की आवाजें सुनाई दे रही थी। हालांकि घटना की सूचना मिलने के बाद तत्काल जिले के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गये और समाचार लिखे जाने तक अभी भी वही मौजूद है।
जिन्दगी दांव पर लगाकर करते है पहाड़ों पर मजदूरी
महोबा। पहाड़ांे पर मजदूर जिन्दगी दांव पर लगातार काम करते है वे काम के लिये घर से सुबह या शाम को निकलते है तो उनके घर वाले ईश्वर से इनके सकुशल घर वापस होने की लगातार प्राथर्ना करते रहते है क्योंकि पहाड़ों पर काम करना मामूली बात नही है अक्सर यहां पहाड़ों पर मजदूर मौत को गले लगा लेते है, किसी के सिर से बाप का साया कब उठ जाये और किसी की मांग का सिन्दूर कब उजड़ जाये इसको लेकर यहां मजदूरों के घरों मंे संसय रहता है। मंगलवार को यहां हुये हादसे के बाद तीन मजदूरों की मौत हुई है उनके घर के लोगों महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल है, इन महिलाओं का रोना बिलखना देखकर यहां मौजूद लोगों की आंखे भी गीली पड़ गयी और उनके भी आंखों से आंसू छलक पड़े है।
अग्शिनशमन दस्ते ने रेस्क्यू कर मजदूरों को निकाला बाहर
महोबा। पहाड़ पर घटित हुई ह्दय विदारक घटना की सूचना मिलते ही जहां जिलाधिकारी व एसपी प्रशासनिक अमले के साथ पहुंचे तो वही अपनी जान की परवाह न करते हुये अग्निशमन अधिकारी देवेश तिवारी अपनी टीम के साथ पहाड़ पर पहुंच गये और यहां अग्निशमन अधिकारी व उनकी टीम ने मोचार् संभालते हुये पहाड़ के मलबे में दबे मजदूरों को रेस्क्यू आॅपरेशन कर बाहर निकाला गया। रेस्क्यू के माध्यम से अग्निशमन टीम ने मजदूरों को बाहर निकाला जिसमें तीन की मौत हो गयी और एक घायल बताया गया है। जबकि दो मजदूरों की मौके पर मौत हो गयी थी और तीसरे की जिला अस्पताल में मौत हुई है। जबकि एक अन्य पांचवे मजदूर की अग्निशमन अधिकारी व उनकी टीम रेस्क्यू करने में लगी हुई है।
घायल मजदूर का अस्पताल में हो रहा इलाज
पहरा पहाड़ पर बताया जाता है पांच मजदूर काम कर रहे थे जिसमें तीन मजदूरों की मौत होना बताया जा रहा है वही चैथा मजदूर धीरू सिंह घायल हुआ है, घायल को रेस्क्यू के माध्यम से बाहर निकाला गया था और उसे इलाज के लिये जिला अस्पताल में भतीर् कराया गया है यहां घायल मजदूर का इलाज चल रहा है, घायल मजदूर मटौंध का निवासी बताया गया है।



