समीर खान, टीकमगढ
टीकमगढ़। प्रधानमंत्री आवास योजना का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इसलिए किया गया कि देश का गरीब तबका इस योजना का लाभ उठाकर अपने सर पर छत ला सके योजना के अंतर्गत ऐसे व्यक्ति जो झुग्गी झोपड़ी में अपना जीवन जी रहे हैं उन व्यक्तियों को इस योजना का लाभ मिल सके। लेकिन अधिकारियों की मनमर्जी के चलते उनकी इच्छा पूरी करने वालों को ही लाभ मिलता है ऐसे तमाम मामले पीएम आवास को लेकर सामने आ चुके हैं। ताजा मामला टीकमगढ़ जिले की नगर परिषद कारी से सामने आया है। जहां पर पहले एक पीड़ित को पीएम आवास के लिए पात्र कर दिया गया और इसके बाद उसे अपात्र दर्शा दिया गया। पीड़ित प्रमोद कुमार ने तमाम दफ्तर में अपनी शिकायत दर्ज कराई लेकिन उसे न्याय नहीं मिल सका। पीड़ित ने एक बार फिर हिम्मत जुटाई और नगर परिषद कारी में शिकायती पत्र सौंप कर न्याय की गुहार लगाई। पीड़ित शिकायतकर्ता प्रमोद कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि उसे जानबूझकर अपात्र कर दिया गया है। उसने बताया व दिखाया की देखिए यह मेरा खपरैल घर है। पूर्व सीएमओ द्वारा उसे पात्र बताया गया था लेकिन वर्तमान सीएमओ रामस्वरूप पटेरिया है और संबंधित अधिकारी गौड़ साहब है वह अपात्र बता रहे हैं। नपा अध्यक्ष तो कोई बात सुनती ही नहीं है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक हम आपको बता दें कि आवास का लाभ उन्हें दिया जाता है। जो आवास की किस्तों में से कुछ हिस्सा संबंधित अधिकारियों को देता है। हो सकता है इसी लेनदेन के चलते पात्र हितग्राही को अपात्र कर दिया गया हो। लेकिन इस बात की पुष्टि हम नहीं करते फिलहाल है अब देखना यह होगा कि मामला संज्ञान आने के बाद क्या कार्रवाई होती है। पीड़ित को न्याय मिलता है या फिर इसी तरह वह इसी तरह गुमराह और दर-दर ठोकरे खाता रहेगा।

