अनिल सोनी, शुभ न्यूज
सारंगपुर। शिक्षक पत्नी को न्याय दिलाने के लिए आमरण अनशन पर बैठे 68 वर्षीय रमेशचंद्र सक्सेना का तीसरे दिन जिला शिक्षा अधिकारी के लिखित आश्वासन के बाद अनशन समाप्त कराया। अनशन के दूसरे दिन जहां उनके 69 वर्षीय मित्र भूख हड़ताल में शामिल हुए थे। वहीं तीसरे दिन पचोर महाविद्यालय से रिटायर्ड प्राचार्य भी अनशन पर बैठ गए। घटना की जानकारी मिलने के बाद पहुंचे डीईओ ने लिखित आश्वासन दिया और ORSL पिलाकर अनशन तुड़वाया।सारंगपुर में शिक्षिक पत्नी को न्याय दिलाने के लिए सोमवार से अनशनरत विधि विभाग के रिटायर्ड अधिकारी एडवोकेट रमेशचंद्र सक्सेना का साथ मंगलवार से जहां उनके मित्र शिवनाथ सिंह चौहान (69) निवासी गोकुलपुरा भी भूख हड़ताल पर बैठ गए थे। वहीं बुधवार को सुबह से पचोर महाविद्यालय से 72 वर्षीय रिटायर्ड प्राचार्य डॉ.यूएस परमार भी हड़ताल पर बैठ गए।जानकारी मिलने के बाद पहुंचे जिला शिक्षा अधिकारी करण सिंह भिलाला ने उन्हें आश्वासन दिया। लेकिन पक्का आश्वासन नहीं होने पर पहले तो खूब बहस बाजी हुई।बाद में जिला शिक्षा अधिकारी भिलाला के अनुमोदन पर कन्या माध्यमिक विद्यालय के प्रभारी प्रचार्य दिनेश गुप्ता ने लिखकर दिया कि काउंसलिंग में हुई गड़बड़ी कि जांच होने तक अर्चना सक्सेना माध्यमिक शिक्षक शा.क. उ. मा. वि. सारंगपुर को उमाशि उच्चपद प्रभार के लिए हिन्दी विषय का 1 पद रिक्त रखा जाएगा। साथ ही 15 दिवस में प्रकरण का निराकरण कर उस पद पर प्रभार दिए जाने का आदेश प्रसारित कर दिया जाएगा।

