विनोद कुमार जैन, बक्सवाहा : नगर परिषद के कर्मचारियों की लापरवाही और अधिकारियों की अनदेखी के कारण बक्सवाहा नगर क्षेत्र में कचरा निस्तारण की स्थिति अत्यंत चिंताजनक हो गई है। पिछले एक दशक में इस समस्या पर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं, जिससे नगर से निकलने वाली सैकड़ों क्विंटल कचरा खुले में डंप किया जा रहा है। पाली रोड, पड़रिया रोड, दमोह रोड और छतरपुर रोड पर कचरे के ढेर सड़क किनारे देखे जा सकते हैं, जिससे सड़क दुर्घटनाओं की संभावना भी बढ़ गई है।नगर परिषद के कर्मचारियों ने नगर से कचरे को ले जाकर सड़क किनारे ही छोड़ दिया है। इसके परिणामस्वरूप कचरा उड़कर सड़क पर आ जाता है, जिससे राहगीरों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों में पशु प्लास्टिक युक्त कचरा खाकर बीमार हो रहे हैं। गीले और सूखे कचरे को खुले में डंप किए जाने से बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। नगर परिषद के अधिकारियों की लापरवाही और समस्या के प्रति उदासीनता से स्थानीय निवासियों की स्थिति और भी कठिन हो गई है।नगर परिषद के अधिकारियों का कहना है कि उनके पास कचरा डंपिंग के लिए उचित स्थल नहीं है। सफाई कर्मचारी सड़क किनारे देखी गई खाली जमीन पर कचरा डंप कर देते हैं, जबकि स्वच्छता गाइडलाइन के अनुसार, कचरे को नगर से तीन किलोमीटर दूर और बस्तियों से दूर डंप करना चाहिए। स्थानीय निवासियों ने कई बार अधिकारियों से सड़क किनारे कचरा न रखने की मांग की है, लेकिन अधिकारियों ने उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया। कचरा जलाने से निकलने वाली जहरीली दुर्गंध भी स्थानीय लोगों और राहगीरों को परेशान करती है।नगर के सभी 15 वार्डों से प्रतिदिन 20 से 30 क्विंटल कचरा निकलता है, जिसे नगर परिषद की गाड़ियों से घरों से उठाया जाता है। लेकिन कचरे का उचित निस्तारण न करके सड़क किनारे डंप कर दिया जाता है, जो भविष्य में स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए गंभीर समस्या बन सकता है।नगर परिषद के अधिकारी जितेंद्र नायक ने इस स्थिति को गंभीर बताते हुए कहा कि "हम जल्द ही कचरा निस्तारण की प्रक्रिया में सुधार लाने का प्रयास करेंगे और उचित डंपिंग साइट की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे।" लेकिन स्थानीय निवासियों की ओर से अभी भी ठोस और त्वरित समाधान की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
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