टीकमगढ़। एक ओर जहां शासन व प्रशासन जंगली जीवों की रक्षा व सुरक्षा के लिए तरह तरह के अभियान संपादित कर रहे है। वहीं दूसरी ओर अवैध कारोबारी इनका शिकार और तस्करी कर रहे है। इसी तारतम्य में कार्यवाही करते हुए जिले की वन परिक्षेत्र जतारा की बीट के हरपुरा के ग्राम चतुरकारी में वन्य प्राणियों का शिकार करने वाले शिकारियों को हिरासत में लेकर कार्यवाही की है।
विदित हो कि विगत अगस्त के माह में 28 अगस्त 2024 को वन परिक्षेत्र जतारा की बीट हरपुरा के ग्राम चतुर्कारी में कुछ शिकारियों द्वारा एक जंगली सुअर का शिकार किया गया था जिसकी जानकारी लगने पर घटना दिनांक को वन विभाग की टीम के मौके पर पहुंचने के पहले ही सुअर के शिकार में संलिप्त शिकारी मौके से सबूतों को नष्ट करके फरार हो गए थे। जिसके दूसरे दिवस 29 अगस्त 2024 को पन्ना से डॉग स्क्वायड टीम को बुलाकर जैकी डॉग से सर्चिंग कराने पर एक आरोपी मिलन आदिवासी के घर से सुअर का मांस जब्त होने पर एवं अन्य आरोपियों के घर में डॉग जैकी के सर्च करने पर शिकार में संलिप्त आरोपी घटना दिनांक से ही फरार होकर इधर उधर छुपकर भाग रहे थे जिनकी घेरा बंदी करते हुए 10 िसतम्बर 2024 को मय सबूतों के गिरफ्तार करके घटना स्थल का मुयायना और घटना स्थल से जंगली सुअर के शिकार की शिनाख्ती करके गिरफ्तार आरोपियों के जुर्म कुबूल करने पर उनको न्यायालय में प्रस्तुत करके जेल भेज गया। जंगली सुअर के शिकार में जो आरोपी गिरफतार किए गए। उनके नाम हल्के उर्फ रामरतन, मिलन, मनोहर, हरिराम, ठाकुरदास और पंचु आदिवासी निवासी चतुर्कारी थाना जतारा जिला टीकमगढ़ हैं।
अब भी तीन से अधिक आरोपी हैं फरार तलाश है जारी यहां आपको बता दें कि इन आरोपियों को पकड़ने के बाद भी कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी शेष है जिनमे एक से दो रसूखदार आरोपीयों के नाम सामने आना बाकी हैं ।
क्या कहते हैं अधिकारी जिन्होंने शिकार के लिए उकसाया था और आरोपीयों को बचाने का प्रयास करने के साथ-साथ वन विभाग को गुमराह किया गया था, ऐसे आरोपियों की पहचान कर ली गई है जिनकी शीघ्र गिरफ्तारी की जाएगी।। शिशुपाल अहिरवार वन परिक्षेत्र अधिकारी जतारा

