0 किसानों द्वारा कई बार प्रार्थना पत्र देने के बाद सिर्फ दिया गया आश्वासन
शुभ न्यूज महोबा। जय जवान जय किसान ऐसासिएशन के तत्वाधान में जिले के तमाम ग्रामों के एक सैकड़ा से अधिक किसानों ने अपनी समस्याओं के निस्तारण के लिए आवाज बुलंद की। किसानों का जुलूस प्रमुख मार्गों से होते हुए तहसील परिसर में पहुंचा और एक सभा करते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को देते हुए दैवीय आपदाओं से बर्बाद फसल का सही आंकलन कर मुआवजा दिलाए जाने, पीएम फसल बीमा से वंचित किसानों को बीमा का लाभ दिए जाने आदि समस्याओं के बावत मांग की गई।
मंगलवार को किसानों ने एकजुटता के जय जवान जय किसान एसोसिएशन के बैनर तले समस्याओं के निस्तारण के लिए जुलूस निकाला। जुलूस दौरान किसान हाथों पर तख्तियां में सरकार प्रशासन होश में आओ जैसे सरकार के खिलाफ तमाम स्लोग्न लिखे हुए थे साथ ही अपनी मांगों को दोहराते हुए चल रहे थे। किसान का जुलूस तहसील परिसर में पहुंचकर सभा में परिवर्तित हो गया जहां पर किसान एसोसिएशन के अध्यक्ष गुलाब सिंह ने कहा कि 15 जुलाई बुंदेलखंड का किसान कभी प्राकृति की मार तो कभी साहूकारों और बैंक के बोझ के नीचे दबा ही रहता है जिससे दूसरों के लिए अन्न पैदा करने वाले किसान परिवार को दो वक्त का भोजन बमुश्किल से नसीब हो रहा है। कहा कि जिले का किसानों की फसल दस साल दो बार अतिवृष्टि के चलते खराब हो चुकी है लेकिन आज तक मुआवजे के नाम पर एक रुपया भी नहीं दिया गया। कहा कि उन्होंने अधिकारियों को कई बार प्रार्थना पत्र देकर अपनी समस्याओं की मांग उठाई लेकिन आज तक आश्वासन के अलावा कुछ नहीं दिया गया।
किसान एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में बताया गया कि इफको टोकियो जनरल इंश्योरेंस कंपनी के जिला प्रबंधक द्वारा लेखपाल से सांठ गांठ करके ग्राम छिकहरा में गलत प्लाट सर्वे के साथ उत्पादन भी गलत दिखाया है साथ ही ग्राम मिरतला में खराब दानो का भी वनज कराया है, जिसकी जांच दल से जांच कराई जाए। इसी प्रकार पीएम फसल बीमा में किसानों को क्लेम से वंचित रखने और बीमा कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए किए गए भ्रष्टाचार की जांच राज्य विशेष जांच दल से कराई जाए। ज्ञापन में तमाम मांगों के निस्तारण की मांग की गई। इस मौके पर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष मनोहर सिंह, अरविंद सिंह, रामस्वरुप विश्वकर्मा हरिकांत श्रीवास्तव धर्मपाल सिह, कमलापत, सुनील कुमार रामचरन, हलकुट्टा, शिवपाल, दशाराय राजपूत सहित जिले के तमाम ग्रामों को सैकड़ा से अधिक किसान मौजूद रहे।

