रसीदे लेकर नपा के चक्कर लगा रहे बाहर के व्यापारी, दुकान रखने को नहीं मिली जगह, पैसा लेकर दूसरों को जगह बेंचने के लगे आरोप
छतरपुर। मेला जलबिहार मेला प्रभारी की मनमानी के चलते अव्यवस्थाओं की भेंट चड़ता जा रहा है। मेला प्रभारी की मनमानी के कारण दुकानदार खासे परेशान नजर आ रहे है। दुकानदारों का कहना है कि वह बाहर से आये हुए है सालों से वह मेला जल बिहार में अपनी दुकाने लगाते है उनके पास मेले की रसीदे भी है लेकिन मेला प्रभारी के कारण वह परेशान दर-दर भटक रहे है। दुकानदारों का कहना है कि मेले में दबंग लोग दुकान लगाने नहीं दे रहे और नगर पालिका जाने पर मेला प्रभारी एई देवेंद्र धाकड़ और गोकुल प्रजापति के ऑफिस से गायब होने के कारण वह खासे परेशान है। कमल सेन ने बताया कि पिछले कई सालों से मेला जलबिहार में अपनी दुकान लगाता चला आ रहा है उसके पास मेले की रसीदे भी है लेकिन इस साल उसे मेले में दुकान लगाने के लिए जगह नहीं दी गई। उसके स्थान पर किसी दूसरे की दुकान लगवा दी गई। वह दो दिनों से परेशान है। उसका सामान मेले में फैला पड़ा है। सभी से आरजू मिन्नते कर ली। नगर पालिका के पूरे दिन चक्कर काटता रहा लेकिन किसे ने भी उसकी मदद नहीं की। न ही उसे दुकान रखने के लिए जगह मिली। व्यापारियों ने मेला प्रभारी पर आरोप लगाते हुए कहा कि जहां पर वह अपनी दुकाने लगाते थे उस जमीन को मेेला प्रभारी के द्वारा किसी और को बेंच दी गई। जिस कारण से उन्हें मेले में दुकान लगाने को नहीं मिल रही और जिम्मेदार समस्या सुनने की वजाए ऑफिस से भाग जाते है। वहीं विजय कुमार ने बताया कि उसे भी दुकान लगाने की जगह नहीं मिली। वह भी सालों से दुकान लगाता चला आ रहा है। उसके पास रसीदे भी है लेकिन उसके स्थान पर किसी दूसरे की दुकान लगवा दी अब वह रसीदे लेकर नगर पालिका के चक्कर काट रहा है लेकिन यहां पर उसकी सुनने वाला कोई नहीं। वहीं महोबा की रहने वाले एक महिला ने बताया कि वह टेबिल रखकर अपनी दुकान लगाती थी। लेकिन रात में नगर पालिका के कर्मचारी टेबलों में लगे ताले तो तोडक़र उसकी टेबले चुरा ले गए। पूरे दिन से नगर पालिका चक्कर लगा रही हूं कि उसकी टेबले उसे वापस मिल जाये। महिला ने बताया कि वह किराये पर टेबिलें लाई थी। वह बहुत ही गरीब है और उसके पास इतना पैसा भी नहीं है कि वह टैंट हाउस की टेबिलों के पैसे चुका सके। पीडि़त महिला ने कहा कि वह बहुत परेशान हो चुकी अब वह मेले में दुकान लगाना भी नहीं चाहती उसके टैबिलें मिल जाये तो वह वापस महोबा चली जाये। लेकिन फिर भी महिला दिन भर नगर पालिका में बैठी रही। मेला प्रभारी गोकुल प्रजापति से भी महिला की टैबले वापस करने की बात की गई तो उनका कहना था कि जैसे ही वह ऑफिस आते है उसकी टैबले वापस कर दी जाएगी। फिर क्या था महिला मेला प्रभारी का इंतजार करती रही और मेला प्रभारी गोकुल प्रजापति अपना मोबाईल बंद करके बैठ गए। अब देखना यह है कि मेला प्रभारी बने बैठ एई देवेंद्र धाकड़ और गोकुल प्रजापति से दुकानदार खासे परेशान है मेला जल बिहार में अव्यवस्थायें फैली हुई है ऐसे में क्या जिले के वरिष्ठ अधिकारी इन पर कोई एक्सन लेने या फिर यू ही भर्राशाही चलती रहेंगी।

