टीकमगढ़। रावण के पुतले के दहन को देखने के लिए लोगों की काफी भीड़ पहुंची।सुबह से ही दशहरा ग्राउंड में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले खड़ा किए गए थे।असत्य पर सत्य की विजय का पर्व दशहरा शनिवार को जिले भर में पारंपरिक तरीके से मनाया गया। टीकमगढ़ शहर में रात 9.25 बजे नजरबाग परिसर में 35 फीट लंबे रावण के पुतले का दहन हुआ।साथ ही 20-20 फीट के मेघनाथ और कुंभकरण के पुतलों का दहन किया गया।
रावण वध होते ही दर्शकों से भरा पूरा मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। इसके बाद देवी प्रतिमाओं का चल समारोह निकाला गया। शोभायात्रा मार्ग पर बड़ी संख्या में लोग देर रात तक बैठे रहे। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार पहुंचे। मंच से उन्होंने कहा हमें अपने अंदर के रावण को मारना होगा।शनिवार को रात को नजरबाग मैदान में आयोजित सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान मौसम में आए बदलाव से समिति के लोग परेशान दिखे। दिन भर आसमान में बादल छाए रहे। दोपहर में मौसम साफ होने के बाद पुतलों पर रंग रोगन के बाद तैयार किया गया।मौसम की खराबी के चलते इस बार ज्यादातर नवदुर्गा समितियों ने शाम को ही प्रतिमाओं का विसर्जन कर दिया। रावण दहन के बाद करीब 50 झांकियां चल समारोह में शामिल हुईं। प्रतिमा विसर्जन का क्रम देर रात तक चलता रहा।रामलीला मंडली के कलाकारों ने किया दहननजरबाग प्रांगण में रात 9.25 बजे विजय राघव मंदिर रामलीला समिति के कलाकारों ने रावण के पुतले का दहन किया। सबसे पहले कुंभकरण का पुतला जलाया गया। इसके बाद मेघनाथ और फिर अंत में रावण के पुतले का दहन हुआ। श्रीराम-लक्ष्मण, हनुमान सहित अन्य कलाकारों ने प्रशासनिक अमले के साथ रावण दहन की रस्म को पूरा किया।

