शुभ न्यूज महोबा। वीरभूमि राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय महोबा के पूर्व प्रवक्ता डा0 एलसी अनुरागी द्वारा आकाशवाणी छतरपुर से बुंदेलखंड के ऐतिहासिक धरोहरों, भाषा, जीवन शैली, गीत संगीत आदि विषयों पर अनेकों प्रसारण किया जा चुका है। बुंदेलखंड के इतिहास से रुबरू होते हुए लोगों के साथ साथ तमाम प्रतियोगी परीक्षार्थियों ने भी जानकारी हासिल कर ज्ञान लाभ अर्जित किया है। इसी क्रम में डा0 अनुरागी द्वारा उर्दू हिन्दी और पारसी के सुप्रिसद्ध नाटककार आगा हश्र कश्मीरी के साहित्यक योगदान पर 25 नवम्बर को आकाशवाणी छतरपुर से प्रसारण किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि बुंदेखण्ड का कश्मीर कहे जाने वाले चरखारी के नाट्यप्रेमी महाराजा अरिमर्दन सिंह जूदेव ने जनता को पारसी थियेटर का आनंद देने के लिए चरखासी को पारसी नाटकों का सशक्त केंद्र बनाने का संकल्प लिया और इसमें वह सफल भी हुए थे। उन्होंने भव्य रंगशाला का निर्माण कराया और नाटककार आगा हश्र कश्मीरी को चरखारी लाकर राजकीय अतिथि का सम्मान दिया और 1500 रुपये प्रति माह वेतन देते हुए रंगशाला की कमान संभालने के लिए दे दी। बताया कि चरखारी में रहकर आगा हश्र ने अपने सर्वोत्तम नाटक सीता वनवास तथा राम अवतार की रचना भी की थी।
डा0 एलसी अनुरागी ने बताया कि आगा हश्र कश्मीरी के पास लगभग सात हजार पुस्तकें थी, वे सामाजिक धार्मिक व देश भक्ति पूर्ण नाटक लिखते थे। उनकी देश भक्ति उनकी लखन का एक नमूना धर्म देश है कर्म देश है। देश को भूल न जाना। भरत की संतान अगर हो, भारत के काम आना आदि पुस्तकें नजर आती हैं। बताया कि चरखारी के गोवर्धन्नाथ जू मेले में भी सीता बनवास का मंचन किया जाता था, जिससे मेले में चार चांद लगते थे। पूर्व प्रवक्ता द्वारा आकाशवाणी छतरपुर से 25 नवम्बर को सुबह 7ः10 बजे प्रसारण किया जाएगा, जिसमें चरखरी मेला और आगा हश्र कश्मीरी के साहित्यक योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला जाएगा। उन्होंने आम नागरिकों के अलावा प्रतियोगी परीक्षार्थियों से वार्ता सुनने की अपील की है।
आकाशवाणी छतरपुर से 25 नवम्बर को होगा आगा हश्र के साहित्यक योगदान पर प्रसारण
November 23, 2024
0 चरखारी रंगशाला की आगा हश्र ने सम्भाली थी कमान, लिखी थी तमाम पुस्तकें
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