0 भाषण प्रतियोगिता में सृष्टि साहू, जबकि पोस्टर तीन और रंगोली में दो प्रतिभागी संयुक्त रुप से रहीं अव्वल
शुभ न्यूज महोबा। स्वामी विवेकानंद महाविद्यालय महोबा में संविधान दिवस के मौके पर कार्यक्रम और प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के अलावा अन्य वक्ताओं ने संविधान के तहत जीवन व्यतीत करने की छात्र छात्राओं को शिक्षा दी साथ ही संविधान के प्रति सच्ची श्रद्धा और निष्ठा रखने और अपने प्रत्येक कार्यों को ईमानदारी से निर्वहन करने की शपथ दिलाई गई। संविधान दिवस के मौके पर महाविद्यालय प्रांगण में भाषण, पोस्टर और रंगोली प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें विजयी प्रतिभागियों को पुरूस्कृत कर सम्मानित किया गया।
संविधान दिवस के मौके पर स्वामी विवेकानंद महाविद्यालय में आयोजित भाषण प्रतियोगिता में सृष्टि साहू ने पहला, अजमी खातून ने दूसरा और साक्षी गुप्ता ने तीसरा स्थाना हासिल किया। पोस्टर प्रतियोगिता में पारूल नामदेव, प्रगति नामदेव और जेबा अंसारी संयुक्त रुप से प्रथम, रोशनी प्रकाशना द्वितीय और रिया अग्रवाल व मंतशा तृतीय स्थान पर रही। इसी प्रकार रंगोली प्रतियोगिता में प्रांजलि शुक्ला और प्रिया संयुक्त रुप से अव्वल रहीं, जबकि दूसरे स्थान पर गुलिस्ता बानो, आकांक्षा चंसौरिया तथा तीसरे स्थान पर हिमांशु विश्वकर्मा, उत्तरा विश्वकर्मा को संतोष करना पड़ा। प्रतियोगिता में सभी विजयी प्रतिभागियों को विद्यालय की तरफ से पुरूस्कृत किया गया। निर्णायक मंडल में डा0 एलसी अनुरागी, कालेज की प्रबंधक डा0 स्वाती सिंह भदौरिया तथा प्राचार्य डा0 मोहम्मद आरिफ राईन रहे।
इस मौके मुख्य अतिथि पर पूर्व प्रवक्ता डा0 एलसी अनुरागी ने कहा कि मौलिक एवं नीति निर्देशक सिद्धांत मनुष्य के कवच एवं प्राण वायु है। आज विश्व में भारत को सर्वोच्च स्थान तक पहुंचाने में संविधान का बहुत बड़ा योगदान है। कहा कि संविधान भारत का सर्वोच्च कानून है यह एक लिखित दस्तावेज है जो सरकार और उसके संगठनों के मौलिक बुनियादी संहिता, संरचना, प्रक्रियाओं, शक्तियों और कर्तव्यों और नागरिकों के अधिकारों और कर्तव्यों का निर्धारण करने वाले ढांचे को निर्धारित करता है। कालेज की प्रबंधक डा0 स्वाती सिं भदौरिया ने कहा कि संविधान ही हमें यह बताता है कि समूची व्यवस्था कैसे काम करेगी, इसके अंतर्गत चुनाव प्रणाली, सरकार का गठन शक्तियों का बंटवारा अधिकारों की रक्षा सहित तमाम गंभीर एवं जटिल मुद्दे आते हैं। संविधान का महत्त्व इसलिए भी है कि यह सरकारों को भी दिशा दिखाने का कार्य करता है। कार्यक्रम को सफल बनाने में क्रांति देवी, मनोज कुमार यादव, शिखा महान, संतोष शर्मा, संदीप खरे, प्रशांत शुक्ला की अहम भूमिका रही।

