छतरपुर।
जिले में आपराधिक घटनाओं का दौर बदस्तूर जारी है। शुक्रवार को एक बार फिर हत्या की बड़ी वारदात छतरपुर जिले के समीपवर्ती ग्राम धमौरा से सामने आई, जहां के शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल की कक्षा 12वीं में पढऩे वाले एक नाबालिग छात्र ने विद्यालय के प्राचार्य की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना की खबर मिलते ही तमाम पुलिस अधिकारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्टाफ से बातचीत कर वारदात से जुड़ी जानकारियां जुटाने में लग गए हैं। घटना के बाद आरोपी मौके से भाग निकला था जिसे शाम के समय पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। वहीं दूसरी ओर स्कूल जैसे संवेदनशील स्थान पर हुई हत्या की इस वारदात से जिले की कानून व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। उधर इस मामले में पकड़े गए आरोपी ने पुलिस को बताया है कि प्रिंसिपल लगातार उसे स्कूल आने के लिए कहते थे और उन्होंने इस छात्र की शिकायत उसके पिता से भी की थी। इसी बात से नाराज होकर उसने प्रिंसिपल को गोली मार दी।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक छतरपुर निवासी सुरेन्द्र कुमार सक्सेना पिछले तीन वर्षों से धमौरा के शासकीय हायर सेकेण्डरी विद्यालय में बतौर प्राचार्य पदस्थ थे। शुक्रवार को वे रोज की तरह विद्यालय पहुंचे थे और विधिवत तरीके से विद्यालय का संचालन कर रहे थे। इसी दौरान दोपहर साढ़े 12 बजे विद्यालय की कक्षा-12वीं में पढऩे वाला एक नाबालिग छात्र विद्यालय पहुंचा और उनसे विवाद करने लगा। विवाद के बीच में जब प्राचार्य श्री सक्सेना विद्यालय के बाथरूम में गए तो छात्र ने उनके सिर में गोली मार दी, जिससे बाथरूम में ही उनकी मौत हो गई। प्राचार्य की हत्या करने के बाद आरोपी छात्र प्राचार्य कक्ष में गया, जहां से उसने प्राचार्य की स्कूटी की चाबी उठाई और इसके बाद प्राचार्य की स्कूटी लेकर मौके से भाग निकला। गौर करने वाली बात यह रही कि प्राचार्य और छात्र के बीच विवाद शुरू होने से लेकर उनकी हत्या किए जाने के बाद तक विद्यालय के किसी भी कर्मचारी ने विवाद में हस्ताक्षेप नहीं किया, जिस कारण से मृतक प्राचार्य के परिजनों ने विद्यालय स्टाफ पर भी सवाल खड़े किए हैं। घटना की जानकारी मिलते ही एसपी अगम जैन, एडिशनल एसपी विक्रम सिंह, सीएसपी अमन मिश्रा, ओरछा रोड थाना प्रभारी पुष्पेन्द्र यादव सहित भारी पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची और विद्यालय स्टाफ से बातचीत कर विवेचना शुरू की गई। पुलिस टीम ने विद्यालय के सीसीटीवी को भी खंगाला जिसमें घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से भागता हुआ दिखाई दे रहा है। वारदात की जानकारी लगने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए थे।
प्राचार्य की रोक-टोक हो सकती है हत्या की वजह: एसपीघटना को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हुए आरोपी छात्र को पुलिस ने शाम के वक्त नौगांव क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। मीडिया से बात करते हुए पुलिस अधीक्षक अगम जैन ने बताया कि घटना के बाद तुरंत ही आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीमें रवाना की गई थीं। शाम के वक्त आरोपी छात्र को गिरफ्तार कर लिया गया है, जो कि नाबालिग है। आरोपी के पास से स्कूटी और वारदात में इस्तेमाल किया गया अवैध हथियार जप्त किया गया है। हत्या की वजह पर बात करते हुए एसपी श्री जैन ने कहा कि प्राथमिक जांच में यह सामने आया है कि आरोपी छात्र पढ़ाई पर ध्यान न देते हुए अन्य गतिविधियों में लिप्त रहता था, जिसके चलते प्राचार्य श्री सक्सेना अक्सर उसे टोका करते थे। संभवत: इसी रोक-टोक से नाराज होकर आरोपी ने वारदात को अंजाम दिया है। एसपी ने यह भी कहा है कि अभी मामले की विवेचना जारी है, जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर प्रकरण में धाराएं बढ़ाई जाएंगी।
छोटे भाई ने कहा- साजिश के तहत दिया गया वारदात को अंजाम
घटना के बाद विद्यालय पहुंचे प्राचार्य के छोटे भाई राजेन्द्र सक्सेना ने आरोप लगाया है कि हत्या की वारदात को साजिश के तहत अंजाम दिया गया है। राजेन्द्र सक्सेना का कहना है कि उनके भाई धमौरा में तीन सालों से प्राचार्य के पद पर कार्य कर रहे थे और उनका कार्यकाल सराहनीय रहा लेकिन स्कूल के कुछ लोग उनके ऊपर अनावश्यक दबाव बनाते थे। उन्होंने कहा कि अक्सर विद्यालय की कक्षाएं शुरू होने के बाद विद्यालय का मुख्य द्वार बंद कर दिया जाता था लेकिन आज ऐसा नहीं किया गया, जिस कारण से उन्हें साजिश का संदेह है। उन्होंने कहा कि विद्यालय की उपस्थिति पंजी में आरोपी छात्र की अनुपस्थिति दर्ज है, इसके बाद भी छात्र का विद्यालय में पहुंचना और विवाद के दौरान विद्यालय स्टाफ द्वारा हस्ताक्षेप न किया जाना कई सवाल खड़े कर रहा है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से मामले की बारीकी से जांच करने की मांग की है।

जिले की कानून व्यवस्था पर उठे सवाल
गौरतलब है कि पिछले लगभग एक महीने से जिले में लगातार हत्या, लूट, चोरी सहित विभिन्न अपराध घटित हो रहे हैं। पिछले दिनों जिला मुख्यालय पर प्रेमी द्वारा की गई प्रेमिका की हत्या और लवकुशनगर में हुई करोड़ों की चोरी के बाद दिन-दहाड़े प्राचार्य की हत्या की वारदात से जिले की कानून व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। हालांकि घटना के बाद पुलिस द्वारा प्रत्येक मामले में कार्रवाई की जा रही है और आरोपियों को भी पकड़ा जा रहा है लेकिन इसके बाद भी अपराधियों में पुलिस का भय नहीं है, जिस कारण से लोग तमाम तरह के सवाल खड़े कर रहे हैं। चूंकि जिले में हर दिन कहीं ने कहीं अवैध हथियारों से फायरिंग की घटनाएं भी सामने आ रहीं हैं, जिसके चलते एक बड़ा सवाल यह भी खड़ा हो रहा है कि आखिर यह अवैध हथियार अपराधियों तक कैसे पहुंच रहे हैं?
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