रेल रोको आंदोलन को विफल करने के लिए किसान नेता को किया गया घर मे कैद
शुभ न्यूज महोबा। किसानों की समस्याओं को लेकर किसान संगठनों द्वारा प्रदर्शन कर आवाज उठाते हुए 16 दिसम्बर को 101 किसानों का काफिला दिल्ली रवाना हुआ, लेकिन किसानों को हरियाणा पुलिस ने बार्डर पर रोक दिया गया, जिसके बाद किसान नेताओं ने बुधवार को रेल रोको अभियान का ऐलान किया। वर्तमान सरकार द्वारा रेल रोको अभियान में किसानों के शामिल न होने देने की रणनीति के तहत जिले के बुंदेलखंड किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता डा0 पंकज तिवारी को उनके घरों में सुबह से ही पुलिस की निगरानी में नजरबंद कर दिया गया, जिससे किसानों का रेल रोको अभियान विफल हो सके। न्यूनतम समर्थन मूल्य समेत कई मांगों को लेकर किसान प्रदर्शन कर रहे हैं। 16 दिसंबर को 101 किसानों का जत्था शंभू बॉर्डर से दिल्ली रवाना हुआ था। हालांकि जत्थे को हरियाणा पुलिस ने बॉर्डर पर रोक दिया था। जिसके बाद किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने बुधवार को दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक रेल रोको का ऐलान किया है साथ ही उन्होंने पंजाब के लोगों सहित देश के सभी किसान नेताओं से इस आंदोलन में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है। इस रेल रोको आंदोलन को सफल बनाने के लिए बुंदेलखंड किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता डा0 पंकज तिवारी, संगठन प्रभारी बालाजी, जिलाध्यक्ष देवीदीन राजपूत सुबह जैसे ही घर से आंदोलन में शामिल होने के लिए रवाना होने लगे वैसे ही स्थानीय पुलिस द्वारा उनको नजर बंद कर लिया गया।कस्बा पनवाड़ी स्थित तिवारी मेडिकल हॉल में बुंदेलखंड किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता डा0 पंकज तिवारी सुबह से शाम तक पुलिस की निगाहों में कैद रहे, पुलिस द्वारा नजरबंद किए जाने पर बुंदेलखंड किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि तानाशाही सरकार पुलिस को आगे करके हमारी आवाज को दबाना चाहती है, लेकिन हम किसानों की आवाज अंतिम सांस तक उठाते रहेंगे, प्रशासन पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि मूंगफली खरीद में दलालों का बोलबाला है। किसी भी केंद्र पर बिना पैसे दिए किसानों का काम नहीं हो रहा है। संगठन प्रभारी बालाजी ने कहा कि यह लड़ाई किसान के स्वाभिमान, सम्मान और अस्तित्व की है और इस लड़ाई के लिए हमारा संगठन सदैव आगे आकर लड़ता रहेगा।
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