शहर में पैदल मार्च दौरान वकीलों ने आरोप लगाया कि सरकार अधिवक्ताओं की आजादी छीनना चाहती है और वह ऐसा होने नहीं देगे। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो वह इस प्रदर्शन को अनिश्चितकालीन हड़ताल में तब्दील होने के लिए मजबूर हो जाएंगे। वकीलों ने बड़ी संख्या में एकत्र होकर नगर में पैदल निकालते हुए उपनिबंधन और कोषागार कार्यालय पहुंचकर जमकर विरोध प्रदर्शन करते हुए अधिवक्ताओं की आजादी पर ग्रहण लगाने वाले अधिवक्ता संशोधन विधेयक वापस लिए जाने की मांग उठाई।
उधर तहसील कुलपहाड़ के वकीलों ने भी कस्बे में बाइक जुलूस निकालते हुए विरोध प्रदर्शन किया। जुलूस तहसील से शुरू हुआ जो गोंदी चैराहा बस स्टेंड सहित नगर के प्रमुख चौराहों से होता हुआ तहसील पहुंच कर समाप्त हो गया। जुलूस दौरान अधिवक्ताओें में अधिवक्ता संशोधन विधेयक के खिलाफ खासा गुस्सा नजर आया। अधिवक्ता समिति कुलपहाड़ के अध्यक्ष ने बताया कि केन्द्र सरकार अधिवक्ता अधिनियम 1961 में संशोधन कर नया कानून लाने की तैयारी में है जिसका समस्त अधिवक्ता विरोध कर रहे है। उन्होने बताया कि प्रस्तावित संशोधन बिल में कई ऐसे प्रावधान है जो अधिवक्ताओं के हितो को प्रत्याक्ष रूप से प्रभावित कर रहे है।
