छतरपुर। दो दिन पूर्व बिजावर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम रामगढ़ में कुछ परिवारों द्वारा धर्म परिवर्तन किए जाने की जानकारी सामने आई थी जिसके बाद न केवल शासकीय अमला बल्कि क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि भी सक्रिय हो गए हैं। क्षेत्रीय विधायक ने बीते रोज शासकीय अमले के साथ ग्राम रामगढ़ पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी ली, जिसमें ज्ञात हुआ है कि करीब दो दशक पहले मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले से कुछ भील जाति के परिवार विस्थापित होकर यहां आए थे, जो पहले से ही ईसाई धर्म का अनुशरण करते आ रहे हैं।विधायक बबलू शुक्ला ने बताया कि उनकी विधानसभा क्षेत्र के रामगढ़ में कुछ परिवारों द्वारा धर्म परिवर्तन किए जाने की जानकारी मिली थी, जिसकी पड़ताल करने के लिए वे शासकीय अमले के साथ शाहगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम रामगढ़ गए थे। उन्होंने बताया कि रामगढ़ के जो परिवार ईसाई धर्म का अनुशरण कर रहे हैं वे मूलत: भील जाति के हैं और करीब 23 वर्ष पहले मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले से विस्थापित होकर यहां आए थे। यह परिवार पहले से ही ईसाई धर्म के अनुयायी हैं। श्री शुक्ला ने बताया कि हाल-फिलहाल में किसी ने भी धर्म परिवर्तन नहीं किया है। विधायक से साथ रामगढ़ पहुंचे शासकीय अमले ने रामगढ़ के करीब 40 ऐसे ग्रामीणों को चिन्हित कर उनके बयान दर्ज किए हैं जो ईसाई धर्म का अनुसरण कर रहे हैं।
ग्रामीण बोले- गांव में आते हैं दमोह जिले की ईसाई मिशनरी संस्था के लोगरामगढ़ के रहने वाले कुछ ग्रामीणों ने बताया है कि दमोह जिले की ईसाई मिशनरी संस्था के कुछ लोग गांव में अक्सर आते रहते हैं, जिनके द्वारा तरह-तरह के प्रलोभन देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए कहा जाता है। हालांकि उनके झांसे में आकर अभी तक किसी ने भी धर्म परिवर्तन नहीं किया है। वहीं ईसाई धर्म अपना चुके ग्रामीण रेमा, कमल सिंह भील आदि का कहना है कि वे बहुत पहले से ही ईसाई धर्म का अनुशरण करते आ रहे हैं और यह धर्म उन्होंने किसी के लालच में आकर नहीं बल्कि अपनी इच्छा से अपनाया है।

