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माघी पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने श्रद्धा और भक्ति में डूबकर लगाई गोरखगिरि परिक्रमा



0 , माघ पूर्णिमा के दिन स्नान और दान का होता है विशेष महत्व

शुभ न्यूज महोबा। माघ मास की पूर्णिमा के अवसर पर गुरु गोरखनाथ परिक्रमा समिति के तत्वावधान में बुधवार को गोरखगिरि की परिक्रमा लगाकर भक्तों ने सुध समृद्धि की कामना की। भक्तों ने श्रद्धा, भक्ति भाव, राम नाम की धुन व ओम नमः शिवाये के जायकारों के साथ गोरखगिरि की परिक्रमा लगाई। परिक्रमा दौरान भक्त हाथों में धार्मिक ध्वज लिए चल रहे थे। परिक्रमा प्रमुख मार्गों से होते हुए शिव मंदिर पहुंची जहां पर भजन कीर्तन और सत्संग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में माघी पूर्णिमा और गोरखगिरि के इतिहास पर वक्ताओं ने प्रकाश डाला।
बुधवार की सुबह छह बजे गोरखगिरि के शिवतांडव मंदिर से माघी पूर्तिमा पर परिक्रमा प्रारंभ हुई, जो पठवा के हनुमान जी, महावीरन, कबीर आश्रम, हाजी फिराजशाह बाबा की दरगाह, राम दरवार मंदिर, भूतनाथ, काली माता, राधा कृष्ण, छोटी चंडिका मंदिर, पुलिस लाइन होते हुए पुनः शिवतांडव मंदिर परिसर में समाप्त हुई। परिक्रमा दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह नजर आया। परिक्रमा में लोग बुलंद आवाज के साथ जय शिव शम्भू, जय श्रीराम के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। परिक्रमा दौरान भक्तों द्वारा श्रद्धा भाव से लगाए गए भगवान के जयकारों से वातारण भक्ति में सरावोर नजर आया। परिक्रम समाप्ति के बाद मंदिर परिसर में भजन पूजन और संगोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में पूर्व प्रधानाचार्य शिवकुमार गोस्वामी ने गोरखगिरि की प्राकृति छटा और इतिहास पर प्रकाश डाला।
सांई कालेज के प्राचार्य व समिति के प्रमुख डा0 एलसी अनुरागी ने कहा कि माघ मास भगवान विष्णु को अतिप्रिय होने से इस महीने की पूर्णिमा का महत्व और भी बढ़ जाता है। माघ मास की पूर्णिमा को माघी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है, माघ पूर्णिमा के दिन स्नान और दान का विशेष महत्व होता है, इस दिन नदियों, सरोवरों में स्नान करना बहुत शुभ माना जाता है साथ ही वस्त्र दान और गौदान का भी विशेष महत्व होता है। माना जाता है कि माघ पूर्णिमा के दिन देवतागण पृथ्वी लोक का भ्रमण करने आते हैं। पंडित अवधेश तिवरी ने श्रीमद् भागवत गीता के अध्याय तीन के श्लोक संख्या 21 की व्याख्या करते हुए कहा कि महापुरूष जो कार्य करते हैं उसका अनुशरण संपूर्ण विश्व करता है। उन्होने श्लोक पढ़ा कि यद्यद्ा चरित श्रेष्ठस्तत्त देवतरो जनः। स यत्प्रमाणं कुरुते लोकस्तदनुवर्तते।। अधिवक्ता सुनीता अुनरागी ने श्रीराम के आदर्श चरित्र श्लोक सुनाई। इस मौके पर रज्जू द्विवेदी, पं0 हरीशंकर नायक, पं0 श्यामानंद महाराज, मुन्नालाल धुरिया, भीष्मदेव, पप्पू ओमप्रकाश साहू चंद्रभान, बहादुर अनुरागी अजली, नैनसी नीलम विनोद चंद्रभान, गौरीशंकर आदि मौजूद रहे।




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