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शुभ न्यूज जैतपुर महोबा। कस्बा जैतपुर क्षेत्र में संचालित आंगनबाड़ी दरेरापुरा व ड्योढीपुरा में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत सीएचसी जैतपुर प्रभारी डा0 आशीष तिवारी की देखरेख में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 142 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर स्वास्थ्य संबन्धी सलाह दी गई। इस मौके पर कुपोषण और एनीमिया के लक्षणों और उनके बचाव की स्वास्थ्य टीम द्वारा जानकारी प्रदान की गई।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 आशाराम और जिला कार्यक्रम प्रबंधक डा0 अंबुज गुप्ता के निर्देशन पर बेलाताल के ड्योढीपुरा (चमरोरा) में डा0 पीएन शर्मा के नेतृत्व में टीम बी ने शिविर लगाते हुए 72 बच्चों की स्वास्थ्य परीक्षण किया, जबकि आंगनबाडी दरेरापुरा में डा0 वैशाली सोनी के नेतृत्व में टीम ए ने शिविर लगाकर 70 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। शिविर दौरान एक एक बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करते हुए उनका वजन करते हुए स्वास्थ्य संबन्धी जानकारी उनके परिजनों को दी गई। ड्योढीपुरा में आयोजित शिविर दौरान डा0 शर्मा ने कहा कि माता-पिता को बच्चों के खानपान पर विशेष ध्यान देना चाहिए ताकि वह स्वस्थ और निरोगी रह सके। इसके अलावा, एनीमिया (रक्त की कमी) के लक्षण और इससे बचाव के तरीके भी बताए गए। कहा कि कुपोषण के लक्षण में डिप्रशन, चिड़चिड़ापन, थकान, असामान्य रूप से शरीर से वसा का कम होना, इंफेक्शन, चोट का जल्दी ठीक नहीं होना, आदि है।
उन्होंने इससे बचने के लिए अपने आहार में पर्याप्त खनिज पदार्थों वाली चीजों का सेवन करने की सलाह दी। टीम द्वारा एनीमिया (रक्त की कमी) के लक्षण और इससे बचाव से भी बच्चों शिक्षकों और अभिभाकों को जानकारी दी। डा0 वैशाली सोनी ने कहा कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत ऐसे शिविरों का उद्देश्य बच्चों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना और अभिभावकों को स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता प्रदान करना है। उन्होंने अभिभावकों को बदलते मौसम दौरान बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि इस समय जुकाम और बुखार का प्रकोप बढ़ रहा है, ऐसे में बच्चों को गर्मी का एहसास होने पर ठंडे पेय पदार्थों और बाहरी खानपान से बचाना जरूरी है। इस स्वास्थ्य शिविर में बड़ी संख्या में बच्चों और उनके अभिभावकों ने भाग लिया।

