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| लड़कियों के प्यार ने तोड़ी हर बंदिश... |
छतरपुर/ नौगांव में कहते हैं कि प्यार ना जाति देखता है, ना लिंग, प्यार तो बस हो जाता है। ऐसा ही मामला सामने आया है जिले की नौगांव जनपद के ग्राम दौरिया से जहां दो लड़कियों ने समाज की हर बंदिश को तोड़ते हुए समलैंगिक विवाह किया है। अच्छी बात यह है कि लड़कियों के परिवार वालों ने भी इस बार कोई आपत्ति नहीं जताई है, परिवार ने लड़कियों की खुशी को तवज्जो देकर उनका स्वागत किया है। उल्लेखनीय है कि छतरपुर जिले में यह पहला मामला है, जब खुलेआम किसी ने समलैंगिक विवाह किया है। मामला सामने आने के बाद लड़कियों की प्रेम कहानी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय भी बनी हुई है।
गुमशुदगी से शादी तक अनोखे प्यार की दास्तानप्राप्त जानकारी के मुताबिक 21 मार्च को दौरिया गांव की रहने वाली 23 वर्षीय सोनम यादव अचानक लापता हो गई थी। परिवार के लोगों नौगांव थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई, पुलिस ने मोबाइल ट्रेस किया तो पता चला कि सोनम कानपुर में है। बाद में परिवार के लोगों का उससे संपर्क भी हो गया। सोनम ने कुछ दिन बाद घर वापिस आने की बात कही, लेकिन जब वह वापिस दौरिया गांव पहुंची तो अकेली नहीं थी, उसके साथ एक और लड़की थी। पहले तो परिजनों और गांव के लोगों को कुछ समझ में नहीं आया लेकिन इसके बाद सोनम ने जो बात बताई उसे सुनकर हर कोई चौंक गया। दरअसल सोनम ने बताया कि दूसरी लड़की का नाम मानसी (अलका) वर्मन है, जिससे उसकी दोस्ती इंस्टाग्राम (सोशल मीडिया) पर हुई थी। दोनों के बीच गहरी दोस्ती होने के बाद लैंगिक भावनाएं मिलने के कारण दोनों एक-दूसरे से प्यार करने लगीं। सोनम ने परिवार को बताया कि वे दोनों शादी करना चाहती है। सोनम की बात को ठीक से सुनने और समझने के बाद परिवार ने बिना किसी हिचकिचाहट के रिश्ता स्वीकार कर लिया। परिवार दोनों लड़कियों को विवाह के बंधन में बांधने के लिए मंदिर पहुंचे लेकिन मंदिर प्रशासन ने समलैंगिक विवाह की अनुमति देने से इंकार कर दिया। हालांकि परिवार इससे बिल्कुल विचलित नहीं हुआ और समझदारी दिखाते हुए नौगांव थाने पहुंच गया, जहां पुलिस की मौजूदगी में सोनम और मानसी ने एक-दूसरे को माला पहनाकर शादी कर ली। वहीं पुलिस ने दोनों लड़कियों के बयान भी दर्ज किए।
परिवार ने बेटियों का स्वागत कर बदला समाज का नजरिया
समलैंगिक विवाह करने के बाद जब नवविवाहित जोड़ा दौरिया गांव पहुंचा, तो परिवार ने हिंदू रीति-रिवाज से दोनों का गृह प्रवेश कराया। इस विवाह में सोनम को दूल्हे और मानसी को दुल्हन का दर्जा दिया गया है। सोनम के परिवार ने कहा कि यह बेटी की पसंद है, वह जिसके साथ रहककर खुश है, उसी में हम भी खुश हैं। समलैंगिक विवाह से उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। सोनम के परिवार की इस सोच ने न केवल लड़कियों को खुशी दी है बल्कि समाज को भी एक नया नजरिया दिया है। विवाह और घर पर स्वागत के बाद सोनम और मानसी, असम चली गईं है। परिवार ने बताया कि दोनों असम की एक फैक्टरी में काम सीखने गई हैं। जल्द ही अपने गांव वापिस लौटकर नया जीवन शुरू करेंगी।

