टीकमगढ़। जैसे-जैसे गर्मी का प्रकोप बढ़ रहा है आम जनजीवन पर इसका असर भी साफ़ दिखाई दे रहा है। ऐसे कठिन समय में वह मानव भी क्या मानव है जो दूसरों के दुख दर्दों से द्रवित न हो सके और दूसरों के वेदना की अनुभूति न कर सके। उक्त पंक्तियों को मानवीय संवेदना समिति के प्याऊ पर पहुंचकर चरितार्थ कर दिखाया पुष्पेंद्र यादव की पुत्री वर्षा यादव ने। जिनकी 16 अप्रैल को शादी है, वर्षा यादव को जानकारी मिली कि मानवीय संवेदना समिति द्वारा नए बस स्टेंड पर निशुल्क प्याऊ
संचालित की जा रही है, उनके अंतर्मन की मानवीय संवेदना जागृत हुई और शादी की व्यस्तताओं से समय निकालकर समिति की प्याऊ पर आ गईं और अपने हाथ से प्यासों को पानी पिलाकर पुण्यकार्य किया।

