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स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मोहन सिंह जू देव परमार की प्रथम स्मृति में छपरी में हुआ कविसम्मेलन


टीकमगढ़// ग्राम छिपरी में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. मोहन सिंह जू देव परमार की प्रथम स्मृति में सुंदर कांड एवं विराट एक कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। अध्यक्षता महाकवि उमाशंकर खरे ‘उमेश’ (पृथ्वीपुर) नें की एवं मुख्य अतिथि के रूप में सांसद प्रतिनिधि श्री विवेक चतुर्वेदी जी तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में साहित्य अकादमी द्वारा ‘छत्रसाल सम्मान प्राप्त’ ख्यातिप्राप्त कवि राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी (टीकमगढ़) रहे। कवि सम्मेलन का संचालन पत्रकार वीरेन्द्र त्रिपाठी ने किया।

मुख्य अतिथि के रूप में संासद प्रतिनिधि श्री विवेक चतुर्वेदी जी ने अपने उद्वोधन में कहा कि-भारत विश्व गुरु था और शीघ्र ही फिर से विश्वगुरु बन जायेगा। यह पर प्रतिभाओं की कमी नहीं है।महाकवि उमाशंकर खरे ‘उमेश’ (पृथ्वीपुर) ने कहा कि- यहाँ पर आल्हा उदल और छत्रसाल जैसे महान वीर योद्ध़़ाओं ने जन्म लिया है। विषिष्ट अतिथि के रूप में साहित्य अकादमी द्वारा ‘छत्रसाल सम्मान प्राप्त’ ख्यातिप्राप्त कवि राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ ने कहा कि बुन्देलखण्ड की भूमि वीरों से भरी पढ़ी है यहाँ हर गाँव में अनेक वीरों ने जन्म लिया और स्वतंत्रता की खातिर अपना बलिदान दिया है। जिन्हें हम भुला नहीं सकते उन्हीं में से एक हमारे छिपरी के स्व.मोहन सिंह जू देव परमार थे। भरत त्रिपाठी ने बताया कि कक्का जू जहर उतारने का मंत्र जानते थे उन्होंने अनेक लोगांे के निशुल्क उपचार करके जीवन दान दिया है। पत्रकार वीरेन्द्र त्रिपाठी ने बताया कि वे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी होने के साथ-साथ समाजसेवी थे।

इस अवसर पर सर्वप्रथम सुंदर कांड का पाठ किया गया तत्पश्चात विराट कवि सम्मेलन हुआ।

कवि सम्मेलन की शुरूआत ओमप्रकाश तिवारी ‘कक्का’(ज्यौरा) ने सरस्वती बंदना से कर कविता सुनाई-

- देखों मदन मार रऔ कूँकै, देखों जाँ ताँ कुसुम खिले है,

गोविन्द्र सिंह गिदवाहा(मडावरा)(उ.प्र.)ने पढ़ा-माँ लालकुँवरि के लाल हुए,महाप्रतापी छत्रसाल हुए।

अध्यक्षता कर रहे राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी ने वीरे रस में दोहे सुनाए-

बहुत वीर है देश में, शत्-शत् उन्हें प्रणाम, नाम मोहन जी एक है, ‘राना’ छिपरी धाम।।

छत्रसालजी वीर थे बुंदेलों की शान। लडे़ मुगल से खूब वे, ‘राना’ रख पहचान।।

प्रमोद मिश्रा (बल्देवगढ़) ने रचना सुनायी-मानव का जीवन एक मिला न बीत जाय लड़ते-लड़ते।

जले लगे है घर सुनो घर के चिराग से।।

युवा कवि कमलेश सेन ने कविता सुनायी- कभउ टमाटर नौन में कुचरों ,कभउ भूज के खालो।ं

बब्बा दार में हप्पा सानों टाथी भर सटका लो।।

रामानंद पाठक नैगुवाँ ने सुनाया-नयसाल कौ करे अभिनंदन,इस पावन बेला में सबका है बंदन।इस अवसर पर रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर श्री अहिरवार,महाकवि उमाशंकर खरे‘उमेश’,भरत त्रिपाठी (टीकमगढ़) रोहित रजक(पृथ्वीपुर),वीरेन्द्र त्रिपाठी (पृथ्वीपुर), दयाली विश्वकर्मा (टीकमगढ़), आदि ने काव्य पाठ कर कवि सम्मेलन को ऊँचाइयाँ प्रदान कीं। अंत में सभी का आभार संयोजक वीरेन्द्र सिंह परमार (जिला उपाध्यक्ष भाजपा किसान मोर्चा) ने व्यक्त किया।




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