टीकमगढ़। विगत दिवस मार्च 2025 में प्रो. डॉ. उषा सिंह शासकीय वीरांगना अवंती बाई लोधी कन्या महाविद्यालय की निर्धारित शासकीय सेवा पूर्ण होने पर महाविद्यालय में विदाई समारोह का भव्य आयोजन किया गया। जिसमें महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ प्रवीण झाम डॉ. अनुभा शर्मा डॉ, आर.एस. शुक्ला डॉ हर्षवर्धन, राहुल कैलाश नामदेव खूवचंद्र अहिरवार, दाताराम, मनोज सैन लल्लू कुशवाहा आदि ने अपने अपने भाव बयक्त किये कि मैडम इसी महाविद्यालय में नवम्वर 1983 में नियुक्त हुई और आज इसी महाविद्यालय से शासकीय सेवा पूर्ण कर रही है।
इस महाविद्यालय में रहते मैडम ने अनेक पुस्तकों का प्रकाशन, अनेक राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय शोध पत्रों का प्रकाशन, राष्ट्रीय सेमिनारों का आयोजन और शोध परियोजना तैयार कर विश्व विद्यालय अनुदान आयोग में प्रस्तुत की तथा अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सेमिनारों में भाग लिया उनका योगदान इस महाविद्यालय के लिये अनूठा और अतुलनीय है हम सभी मैडम के स्वस्थ्य और खुशहाल जीवन की कामना करते है। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व महाविद्यालय की समाजशास्त्र की छात्राओं ने भावभीनी विदाई दी। बाद में डॉ उषा सिंह के परिजन सजी हुई बग्गी से गाजे बाजे के साथ विदा कर घर ले आये तत्पश्चात शाम को अपूर्व होटल में उनके जीवन साथी वरिष्ठ साहित्यकार हरेन्द्र पाल सिंह ने उल्लास समारोह के रूप में भव्य समारोह का आयोजन किया जिसमें पूर्व प्राचार्य डॉ एन.एम. अवस्थी ने कहा कि सेवा से अवकाश को उल्लास समारोह नाम देकर एक नई सोच को जन्म दिया है मैडम का व्यवहार और उनकी सोम्यता और सरलता अनुकरणीय है। जन भगीदारी अध्यक्ष श्रीमति अनुपमा नायक ने कहा कि महाविद्यालय में मैडम के द्वारा माँ सरस्वतीजी का भव्य मंदिर का निर्माण उनकी सकारात्मक सोच को व्यक्त करता है। शेलेष मोदी ने कहा कि उनका व्यक्तित्व अदभुद है मानवीय संवेदना समिति कि सचिव मनीराम कठेल ने कहा कि मैडम शैक्षणिक कार्य के अलावा हमारे सामाजिक कार्यों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। चित्रांगदा सिंह, आस्था सिंह, राहुल, कृति सिंह, डॉ आदित्या सिंह, मुंबई से पधारे बेदांश राजावत ने अपने अपने विचार व्यक्त कर शुभकामनायें दी ग्वालियर से पधारे धीरेंन्द्र सिंह भदोरिया ने कहा कि महाविद्यालय में अपने कार्यों, अपने सामाजिक कार्यों से इस क्षेत्र के लिये डॉ उषा सिंह स्वयं एक हस्ताक्षर बन गई है इस अवसर पर नगर के गणमान्य नागरिक साहित्यकार, समाजसेवी, पत्रकार एवं मोहन गिरी, पीयूष सिंह बुंदेला पत्रकार बीडी यादव, साहित्यकार अजीत श्रीवास्तव, पूरन चंद्र गुप्ता प्रभूदयाल श्रीवास्तव श्रीमती लक्ष्मी अवस्थी, उमा गुप्ता, धर्मेन्द्र सिंह भदोरिया, विजय लक्ष्मी चौहान, माधवी भदोरिया, विनोद राय, इरफान अहमद, डॉ माधवी सालुंके दुष्यंत कुमार आदि उपस्थित रहे।

