0 गांव गावं पांव पांव यात्रा का खन्ना में हुआ आगमन, बुंदेलियों ने किया यात्रा का समर्थन
शुभ न्यूज महोबा। बुंदेलखंड को अलग राज्य बनाए जाने को लेकर बुंदेलखंड विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष राजा बुंदेला के नेतृत्व में बुंदेलखंड के गांवों में निकाली जा रही गांव गांव पांव पांव यात्रा का कस्बा खन्ना पहुंची, जहां पर बुंदेलखंड संयुक्त मोर्चा के अलावा विभिन्न संगठनों और ग्रामीणों यात्रा का स्वागत किया। इस मौके पर उपाध्यक्ष द्वारा बुंदेलखंड राज्य की मांग का महत्व समझाते हुए अगल राज्य बनाए जाने की पहल में कदम से कदम मिलाकर चलने का बुंदेलखंड वासियों से मांग की।
ब्रम्हचारी इंटर कॉलेज खन्ना में यात्रा दौरान बुंदेलखंड विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष ने कहा कि यह बुंदेलखंड के लोगों के भविष्य की लड़ाई है और हम सभी ग्रामीणों को एक साथ मिलकर बुंदेलखंड की लड़ाई लड़नी है। कहा कि रोजगार के कम अवसर होने की वजह से लोग पलायन कर रहे है। बुंदेलखंड के रेलवे स्टेशनों पर महानगरों के लिए जाने वाली ट्रेनों को देखो कैसे बुदेली रोजी रोटी के लिए बोरी में अपना सामान भरकर मेहनत मजदूरी के लिए जा रहे हैं और शहरों में जाकर कोई पल्लेदारी, कोई फैक्ट्री में काम करता है तो कोई मजदूरी कर रहा है जो आर्थिक दृष्टि से भी गलत है बावजूद इसके सरकार नहीं चेत रही है कहा कि जब बुन्देलखंड अलग राज्य बनेगा तभी ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर विकसित हो सकेंगे। सात नदियों का पानी बुन्देलखंड में होने के बाद भी बुन्देली प्यासा है। उन्होंने कहा की हमने जिस माटी में जन्म लिया है उसका कर्ज हम सब लोगो को मिलकर चुकाना है।
इस मौके पर ब्रम्हचारी इंटर कॉलेज के प्रबंधक शिव शंकर सिंह, यात्रा संयोजक आश्रय सिंह, बुंदेली सेना जालौन के अध्यक्ष शिवम चौहान सोनू, प्रताप बुंदेला, दीपक पाण्डेय, विनोद पुरवार आदि ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि अब उत्तर प्रदेश का विभाजन होना ही चाहिए और बुंदेलखंड, पूर्वांचल और हरित प्रदेश राज्य का निर्माण बनना आवश्यक है। यात्रा दौरान नगर एवं ग्रामीणों ने भारी संख्या में समर्थन दिया साथ ही ग्राम प्रधानों ने प्रथक बुन्देलखण्ड राज्य निर्माण के लिए उपाध्यक्ष को समर्थन पत्र सौंपा। यात्रा दौरान भगवान सिंह सेंगर उरई, सोनू चौहान हिम्मतपुर, जगदीश शिवहरे, रामसेवक तिवारी, राजू शुक्ला, अनुरुद्ध द्विवेदी, भागीरथ नगाइज, कालका प्रसाद गुप्ता शुभ पाण्डेय सहित तमाम पदाधिकारी मौजूद रहे।


