0 मां बाघ विराजन मंदिर कुलपहाड़ में संगीत मय भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ का किया जा रहा आयोजन
शुभ न्यूज जैतपुर महोबा। कस्बा कुलपहाड़ के मां बाघ विराजन धाम मंदिर प्रांगण में चल रहे संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ में कथा व्यास पंडित श्रीकृष्ण महाराज द्वारा भागवत कथाओं का श्रोताओं को रसपान कराया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को सषठम दिवस की कथा महाराज द्वारा सुनाई गई, जिसे सुन भक्तगण कृष्ण भक्ति में डूबे रहे।
श्रीकृष्ण महाराज द्वारा सषठम दिवस की कथा का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रज में गोपियों को आश्वासन दिया था कि पूर्णिमा की रात में महारास की लीला की जायेगी और उसी क्रम में भगवान श्रीकृष्ण ने महारास रचाया, जिसमें भगवान शंकर ने गोपी का रूप धारण कर महारास लीला में पहुंचे गए थे। बताया तभी से उनका एक नाम गोपेश्वर महादेव भी पड़ा। कन्हैया वृंदावन छोड़कर मथुरा गमन किया तो गोपियों ने कान्हा से कहा कि आप मथुरा जा रहे हैं हमें यहां किसके सहारे रहेंगे, चुपके चुपके घर आकर के मृदु माखन मेरा चुरायेगा कौन बन कुंजन मध्य कदंब तले प्रिया राधिका नाम बढ़ाएगा कौन इस प्रकार कन्हैया ने वृंदावन छोड़कर मथुरा जाकर राजा कंस सहित अन्य दैत्यों का वध किया।
कंस की पत्नी अस्ती व प्राप्ति अपने पिता जरासंध के घर गई तभी से जरासंध भगवान कृष्ण का शत्रु बन गया। कथा के अंत में भगवान कृष्ण व रुक्मणी का विवाह संपन्न हुआ। रुक्मणी विवाह में भगवान कृष्ण घोड़ा पर सवार थे और ढोल बाजे की थाप पर घराती बराती नाचते हुए रुक्मणी के द्वार पर पहुंचे। श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ में यजमान अवधेश सोनी, अंजू सोनी, सुनील मिश्रा, शिवांगी मिश्रा ने द्वारचार में द्वारकाधीश का तिलक कर आशीर्वाद प्राप्त किया। कथा में सरकार के महन्त रमेशचंद्र गिरी महाराज ने आशीष वचन सत्संग के माध्यम से दिए। कार्यक्रम में नगर सहित क्षेत्र के हजारों की संख्या में भक्तगण पहुंचकर कथा का श्रवण कर अपने जीवन को धन्य मान रहे हैं। भक्तों द्वारा भगवान श्रीकृष्णा के विवाह की झांकी देखकर भरपूर सराहना की जा रही है। श्रीकृष्णा के विवाह में कृष्ण की भूमिका में आरची अग्रवाल व रुक्मणी की भूमिका में अलका सोनी तथा सखी की भूमिका में श्रीजी अग्रवाल सहित अन्य कन्याएं रही।
