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साइबर अपराधियों द्वारा "बच्चों की गिरफ्तारी का डर दिखाकर फ्रॉड" के संबंध में जारी की एडवाइजरी


टीकमगढ़। पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई द्वारा साइबर अपराधों से सुरक्षा एवं बचाव हेतु जिला स्तर पर साइबर सुरक्षा एवं जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है साथ ही सप्ताहिक साइबर एडवाइजरी जारी कर आमजन को साइबर अपराधों में आ रहे बदलावों से सचेत किया जा रहा है इसी क्रम में साइबर अपराधियों द्वारा वर्तमान में *बच्चों की गिरफ्तारी का डर दिखाकर फ्रॉड किया जा रहा है जिससे बचने हेतु एडवाइजरी जारी की जा रही है आमजन से अपेक्षा है कि आप सभी इसमें संकलित जानकारी को समझेंगे एवं सावधानी रखेंगे।"वर्तमान में एक विशेष प्रकार का सायबर अपराध" देखने को मिल रहा है जिसमें आपके बच्चे जो आपसे दूर शहर में पढाई कर रहे हैं उनको किसी अपराध में पुलिस द्वारा गिरफ्तार करने की बात कह कर लोगों से पैसों की ठगी की जा रही है।

कार्य प्रणाली -

 ऐसे माता पिता जिनके बच्चे विदेशों में या उनसे दूर किसी बड़े शहर में पढाई करते हैं उन्हें सायबर अपराधियों द्वारा कॉल किया जाता है कि वह कोई पुलिस अधिकारी या वकील है जो उस क्षेत्र के पुलिस थाने से बात कर रहे है जहां आपका बच्चा पढ़ाई कर रहा है तथा आपके बच्चे को एक बड़े केस में जैसे बलात्कार, मर्डर या नार्कोटिक्स आदि में गिरफ्तार किया गया है। जालसाज कहते हैं कि अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है, यदि आप उसे बचाना चाहते हों तो उनके द्वारा बताई गयी राशि किसी खाते में या यूपीआई के माध्यम से भेज दें। अधिकांशतः बच्चे कॉलेज या कोचिंग में व्यस्त होने का कारण उस दौरान कॉल नहीं उठाते और माता पिता को लगता है कि उनके बच्चे के साथ वाकई कोई घटना हो गयी है।

 साइबर अपराधियों द्वारा एआई (कृत्रिम बुद्धि ) का उपयोग कर बच्चों की आवाज कॉल पर सुनवाई जाती है जिसको सुनकर माता पिता को विश्वास हो जाता है कि उनके बच्चों को वाकई किसी पुलिस अधिकारी ने पकड़ रखा है और वह उस संदिग्ध व्यक्ति को जो स्वयं को पुलिस अधिकारी या वकील बताता है, को बड़ी राशि ट्रांसफर कर देते हैं। इस प्रकार आपसे आपके खाते में उपलब्ध अच्छी खासी रकम जमा करा ली जाती है।

सावधानियां -

अनजान नम्बर से आने वाले कॉल, व्हाट्सएप कॉल/वीडियो कॉल, टेलीग्राम कॉल न उठाएं विशेषतः जो नम्बर +92 से शुरु होते हों उन्हें तो बिल्कुल भी नही।

अनजान व्यक्तियों पर सामान्य तौर पर विश्वास न करें, उन्हें अपने परिवार एवं बच्चों संबंधी जानकारी न दें, हो सकता है वह आपके परिवार की जानकारी प्राप्त कर आपको परेशान करें।

 परिवार का कोई व्यक्ति/बच्चा यदि पढ़ाई/नौकरी हेतु किसी अन्य शहर में जाते हैं तो संबंधित स्कूल/कॉलेज/कोचिंग संस्थान/कार्य स्थल एवं उस क्षेत्र के थाने का नम्बर अपने पास रखें जिससे किसी घटना होने पर उनसे संपर्क/वेरिफाई किया जा सके।

यदि कोई व्यक्ति कॉल पर स्वयं को पुलिस अधिकारी या वकील बता रहा है तो एक दम उसकी बात का विश्वास न करें।

यदि आपके साथ कोई सायबर अपराध घटित होता है तो उसकी शिकायत अपने नजदीकी पुलिस थाने में,साइबर सेल में या साइबर क्राइम हेल्प लाइन (टोल फ्री( नम्बर 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर करें।

साइबर अपराधों से बचने हेतु जागरूक बने सुरक्षित रहें । टीकमगढ़ पुलिस द्वारा जनहित में जारी


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