पुलिस ने बालू माफिया के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर शुरू की जांच
पुलिस अधीक्ष को दिए पत्र में जिला पंचायत अध्यक्ष ने आरोप लगाते हुए बताया कि जिला पंचायत में चल रही टेंडर प्रक्रिया दौरान महेश तिवारी अपने गुर्गों के साथ कार्यालय में घुसकर दबंगई करने लगा। विरोध करने पर उसने मेरे साथ न केवल जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली गलौज की, बल्कि मारपीट करने का भी प्रयास किया। इतना ही नहीं बालू माफिया ने टेंडर प्रक्रिया को बाधित करने का प्रयास किया, जिससे कार्यालय में हड़कंप मच गया, और कर्मचारी दहशत में आ गए। बताया कि कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों में बालू माफिया द्वारा की गई दबंगई का वीडियो भी कैद हो गया और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल भी हो रहा है, जिसने तिवारी के आपराधिक रवैये को उजागर किया।
जिला पंचायत अध्यक्ष जय प्रकाश अनुरागी ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर महेश तिवारी और उसके सहयोगियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई, जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सीसी टीवी फुटेज के आधार पर जांच शुरू करते हुएआरोपियों की तलाश में जुट गई है। जेपी अनुरागी का कहना है कि उक्त कथित बालू माफिया की यह हरकत पूरे सरकारी तंत्र के खिलाफ है। बताया जाता है कि बालू माफिया महेश महोबा और आसपास के क्षेत्रों में बालू खनन के अवैध कारोबार से लंबे समय से जुड़ा है।
