टीकमगढ़। समाज को अपराध, बुराइयों एवं सामाजिक कुरीतियों से मुक्त बनाने की दिशा में टीकमगढ़ पुलिस द्वारा व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में जिले के समस्त थाना और चौकी क्षेत्रों में यह अभियान प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है।इस क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सीताराम, एसडीओपी टीकमगढ़ श्री राहुल कटरे, एसडीओपी जतारा श्री अभिषेक गौतम सहित पुलिस अधिकारियों द्वारा **जनचौपालों एवं जागरूकता शिविरों का आयोजन** किया गया, जिनमें ग्रामीण, युवा, महिलाएं एवं समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी रही।
14 जून 2025 को आयोजित जनचौपालों में चर्चा के मुख्य बिंदु रहे:
दहेज प्रथा, बाल विवाह, नशा, भ्रूण हत्या, जातिवाद, बाल श्रम**
लिंग असमानता, घरेलू हिंसा, वृद्ध उपेक्षा, भ्रष्टाचार सामाजिक समारोहों में फिजूलखर्ची व डीजे का दुरुपयोग
इन विषयों पर पुलिस अधिकारियों ने संवाद करते हुए बताया कि **ऐसी कुरीतियाँ समाज के ढांचे को खोखला करती हैं** और युवाओं को अंधकार की ओर ले जाती हैं। इन्हें समाप्त करना ही अपराध-मुक्त समाज की आधारशिला है।
जागरूकता शिविरों का आयोजन विशेष रूप से जिले के
आदिवासी बहुल क्षेत्र
दूरस्थ पिछड़े इलाक़े
ग्रामीण गरीब बस्तियाँ
में किया जा रहा है ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक यह संदेश पहुंचे।पुलिस अधीक्षक श्री मंडलोई ने कहा:-
"यदि समाज को अपराध से मुक्त करना है, तो पहले समाज को बुराई और कुरीतियों से मुक्त करना होगा। इस कार्य में पुलिस और समाज दोनों को मिलकर कार्य करना होगा।"
अभियान के अंतर्गत प्रमुख पहलें:
नशा मुक्ति अभियान
* महिला सुरक्षा, सम्मान एवं समानता हेतु “नीड”, “परी”, “भरोसा”, “आसरा”, “सहारा”, “लैला-मजनू” अभियानप्रतिभा सम्मान” के माध्यम से युवाओं को प्रेरित करना
महिला सुरक्षा हेतु आपातकालीन नंबर:
1030 | 100 | 1930 साथ ही स्थानीय थाना/चौकी के संपर्क नंबर भी उपलब्ध कराए गए।यह अभियान सतत रूप से जारी रहेगा**, ताकि टीकमगढ़ को एक सशक्त, सुरक्षित एवं समरस समाज* के रूप में स्थापित किया जा सके।

