0 10 व 11 जून को जिले के पेंशनर कार्यक्रम के तहत घर घर जाकर पेंशनरों को नीतियों से कराएं अवगत
शुभ न्यूज महोबा। वरिष्ठ नागरिक पेंशनर सेवा संस्थान महोबा की सोमवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय पेंशन भवन में एक बैठक का आयोजन सुनील शर्मा की अध्यक्षता में किया गया। बैठक में केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियमों में वित्त विधेयक के माध्यम से किए गए संशोधनों पर चर्चा करते हुए केंद्र राज्य सरकार के विरुद्ध नाराजगी जताते हुए संस्थान द्वारा 10 से 30 जून तक पूरे प्रदेश में घर घर चलो कार्यक्रम के तहत सम्पर्क कर सरकार की पेंशन विरोधी नीतियों के बारे में जिले के पेंशनरों को अवगत करने का काम करेंगे।
वरिष्ठ नागरिक पेंशनर सेवा संस्थान उत्तर प्रदेश के महामंत्री बीके तिवारी ने बताया कि सरकार के नवीन संशोधनों से न केवल केंद्र सरकार के पेंशनर प्रभावित होंगे बल्कि राज्य सरकार के लाखों बुजुर्ग पेंशन भोगियों को आर्थिक संकट से गुजरना पड़ेगा। यहां तक कि 2025 के पहले सेवानिवृत्त कर्मचारियों पर आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें से लागू न होने पर उन्हें डीआर बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता भी नहीं मिलेगा। संस्थान के उपाध्यक्ष ईश्वरी प्रसाद तिवारी ने कहा की मुद्रास्फीति के बढ़ने और जीवन यापन की लागत के असहनीय होने के साथ यह कदम सामाजिक सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता और दशकों से देश सेवा करने वालों के प्रति उसकी जिम्मेदारियों के बारे में सरकार का कदम परेशान करने वाला है। एक सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी मान लीजिए कभी 14800 वेतन ग्रेडपे पर काम करता था। उसे नए नियमों के संशोधन में जीवन भर इस पेंशन पर गुजारा करना होगा जबकि वर्तमान में कई वेतन आयोग के संशोधनों का लाभ पा रहा है।
कालका प्रसाद गुप्ता एवं महेन्द गुप्ता ने यह भी कहा कि यह नीतिगत फैसला पाकिस्तान के हाल ही के पेंशन सुधारों से मिलता जुलता है जहां आर्थिक अस्थिरता के कारण सेवानिवृत्त लोगों को आधी पेंशन स्वीकार करने के लिए मजबूर होना पड़ा। वहीं आज भारत विश्व गुरु और उभरती वैश्विक शक्ति होने का दावा करता है। पेंशनरों के जीवित रहने का हक छीना जा रहा है जिसे पेंशनर सहन नहीं करेंगे। बैठक में सुनील शर्मा ने बताया कि बैठक में निर्णय लिया गया कि 10 जून को हिंद टायर की गली में, 11 जून को पस्तोर वाली गली गांधीनगर में पेंशनर घर घर जाकर सम्पर्क कर सरकार की पेंशन विरोधी नीतियों के बारे में पेंशनरों को अवगत करने का काम करेंगे। इस मौके पर अरविन्द खरे, अरुण खरे, बसंत लाल गुप्ता, जगदीश कुमार, ओपी सिंह, लघुचन्द्र नारायण अरजरिया, आरपी पुरवार सहित एक दर्जन पदाधिकारियों ने सरकार की नीतियों पर असंतोष व्यक्त किया।
केंद्रीय सिविल सेवा नियमों में संशोधनों पर पेंशनर सेवा संस्थान नाराज
June 09, 2025
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