छतरपुर तहसील क्षेत्र के पठादा गांव में राजस्व विभाग की मिलीभगत से एक जीवित महिला को कागजों में मृत बताकर उसकी जमीन चार बेटों के बीच बराबर बांट दी गई। इस मामले ने विभाग में दलालों के बोलबाले और भ्रष्टाचार की पोल खोल दी है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक पठादा गांव के प्यारे लाल अहिरवार की मृत्यु के बाद उनके बच्चों ने फौती नामांतरण के लिए आवेदन दिया था, जिसमें उनकी मां प्यारीबाई भी हिस्सेदार थीं। लेकिन चारों बेटों ने सिजरा खानदान में अपनी जीवित मां को मृत घोषित कर उनका हिस्सा हड़प लिया। इस फर्जीवाड़े में हल्का पटवारी और ग्राम पंचायत के सरपंच व सचिव की भी मिलीभगत सामने आई है। आरोप है कि दलालों के माध्यम से आई फाइलों पर भारी राशि के लेनदेन के कारण अधिकारी बिना जांच के नामांतरण को मंजूरी दे देते हैं। लगभग एक माह पहले जारी हुए फौती नामांतरण के आदेश को कंप्यूटर में भी दर्ज कर लिया गया। अब इस गड़बड़ी के उजागर होने के बाद हल्का पटवारी, सरपंच, सचिव और परिजन अपनी गलती सुधारने में जुटे हैं। ग्रामीणों ने इस मामले की गहन जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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