हरपालपुर। नौगांव जनपद की ग्राम पंचायत सरसेड़ में 6 लाख रुपये की लागत से बना नाला पहली बारिश में ही ध्वस्त हो गया। ग्रामीणों ने नाले के निर्माण में अनियमितता और मानकों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। ग्राम पंचायत सरसेड़ में पंचायत भवन से मूलचंद्र कोरी के मकान तक 250 मीटर लंबा नाला मई में बनाया गया था, जिसका उद्देश्य गांव में पानी की निकासी को सुचारू करना था। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि नाला निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया और घोर अनियमितताएं बरती गईं। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत पहले भी की थी, लेकिन सरपंच और सचिव ने इसे नजरअंदाज कर निर्माण पूरा करवाया और लाखों रुपये का भुगतान भी कर दिया। नतीजा, पहली बारिश में ही नाला पूरी तरह बह गया, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीण अवधेश साहू ने कहा कि नाले के निर्माण में हुई अनियमितता की जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। इसी तरह का मामला कैथोकर ग्राम पंचायत में भी सामने आया था, जहां लाखों रुपये की लागत से बने ग्रेबियार स्ट्रक्चर पहली बारिश में ध्वस्त हो गए थे। तत्कालीन जनपद सीईओ ने जांच के बाद सरपंच और सचिव को मरम्मत के निर्देश दिए थे, लेकिन कोई कार्य नहीं हुआ। जनपद पंचायत नौगांव के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रभाष राज घनघोरिया ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और यदि गुणवत्ताहीन कार्य पाया गया तो सरपंच और सचिव के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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