टीकमगढ़। पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई के मार्गदर्शन में जिले भर में संचालित “सहारा अभियान” का उद्देश्य समाज की वंचित, असहाय और उपेक्षित महिलाओं को संबल प्रदान करना है।
इसी कड़ी में थाना देहात की पुलिस टीम ने एक अत्यंत संवेदनशील कार्य करते हुए सामाजिक उत्तरदायित्व की एक मिसाल पेश की।
थाना प्रभारी निरीक्षक चन्द्रजीत यादव को दिनांक 30/07/2025 को सूचना प्राप्त हुई कि *महावीर रेजिडेंसी क्षेत्र में एक वृद्ध महिला, जिन्हें नेत्रों से कुछ दिखाई नहीं देता, कई घंटों से अकेली बैठी हैं। सूचना मिलते ही तत्काल महिला आरक्षक *नीतू राजपूत (आर. 489) एवं उमा गुप्ता (म.आर. 647) को मौके पर भेजा गया।
पुलिस टीम जब वहाँ पहुँची तो वृद्ध महिला ने भर्राई आवाज में अपना नाम **वंदना देवी पति स्व. घनश्यामदास ब्राम्हण निवासी माडूमर* बताया। पूछताछ में यह भी स्पष्ट हुआ कि उनका इस दुनिया में अब कोई नहीं है — न कोई परिजन, न कोई सहारा।
नेत्रहीनता और असहायता की उस पीड़ा को देख देहात पुलिस की टीम द्वारा बिना किसी विलंब के मातृ-पितृ छाया वृद्ध आश्रम से समन्वय स्थापित किया गया और वृद्धा को ससम्मान आश्रम पहुँचाया गया, जहाँ उनकी देखरेख की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई।
यह कार्य न केवल मानवता के प्रति पुलिस की गहरी संवेदनशीलता को दर्शाता है, बल्कि समाज को यह संदेश भी देता है कि "पुलिस सिर्फ वर्दी नहीं, एक संवेदना भी है।"
जिला पुलिस टीकमगढ़ जनसेवा के इस मार्ग पर दृढ़ संकल्पित है और “सहारा अभियान” के माध्यम से हर उस व्यक्ति तक पहुँचना चाहती है जिसे समाज ने भुला दिया है।

