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लगातार हुई बारिश जिले वासियों पर आफत बनकर टूटी, ग्रामों में भरा पानी



0 ग्राम कुम्हड़ौरा में पशुबाड़ा ढह जाने से दो बकरियों की मौत
शुभ न्यूज महोबा। इस साल की बारिश जिले वासियों के लिए मुसीबत बनकर बरसी है। लगातार हुई 24 घंटे से ज्यादा बारिश ने जहां ग्रामीण क्षेत्र पानी से लबालब भर जाने से लोगों के घरों में पानी घुस जाने से परेशान होना पड़ रहा है वहीं शहरी क्षेत्रों के तमाम इलाको में की सड़क भी पानी से सराबोर नजर आ रही है। इतना ही नहीं जिले में हुई लगातार बारिश के चलते करीब दो दर्जन के करीब कच्चे मकान पानी की भेंट चढ़कर धराशायी हो गए, जिससे लोगों को नुकसान के अलावा राते बिना छत के काटने को मजबूर होना पड़ रहा है। दिसरापुर, गावं में तालाबों के ओवरफ्लों के चलते पानी आफत बनकर यहां के बाशिंदों और जानवरों पर टूटी है तो शहर के अलावा कुम्हौड़ा व अन्य गांव में तमाम कच्चे मकान पानी की जद में आने से ढह गए हैं। 


जिले में हुई झमाझम बारिश के चलते हर तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। बिलबई ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले ग्राम दिसरापुर स्थित तालाब अधिक वर्षा के चलते दिसरापुर तालाब ओवरफ्लो हो जाने से गांव तक पहुंच गया। रामदयाल, मनोज आदि ग्रामीणों का कहना है कि हाईवे निर्माण दौरान तालाब के पानी निकासी को बंद दिए जाने से गांव में पानी भर गया है। बताया कि कुछ दिन पूर्व इस संबन्ध में डीएम को ज्ञापन सौंपा दिया था बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं की थीं। गांव में हर जगह पानी भर जाने के कारण लोगों को मकानों के बाहर बिना बिजली और खानपान के रात गुजारनी पड़ी। ग्राम दिसरापुर अब एक विशाल जलाशय में तब्दील हो गया है। गांव के रामप्रसाद रैकवार, वनमाली रैकवार, नारायण दास, देशराज, भरत, चेतराम, भगवानदास जैसे दर्जनों लोगों के मकान या तो ढह गए या बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए। घर का राशन, अनाज, बर्तन सब पानी में बह गया। लोग खुले आसमान के नीचे बैठे हैं, और पशु बिना चारे के तड़प रहे हैं।



गुरूवार से शुरू हुई बारिश शुक्रवार तक होने के कारण जिले में कई जगह कच्चे मकान और पशुबाडे गिर गए, जिससे लोगों के साथ साथ जानवरों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। ग्राम कुम्हड़ौरा में बलबंत सिंह यादव का कच्चा मकान पानी की भेंट चढ़कर गिर गया, जिससे उनकी दो बकरियों की मौत हो गई साथ ही जानवरों का भूसा सहित अन्य सामान मकान गिरने से बर्बाद हो गया। इसी प्रकार शहर के कई क्षेत्रों में और ग्रामीण अंचलों में कच्चे मकान गिरने से पीड़ितों के परिवारों के सिर से छत छिन गई है।  



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