0 जिला कांग्रेस कमेटी ने कार्यालय में मनाई स्वतंत्रा सेनानी की 198वीं जयंती
शुभ न्यूज महोबा। मंगल पांडेय साझी विरासत के सबसे बड़े प्रतीक रहे हैं और उनका नाम ‘भारतीय स्वाधीनता संग्राम’ में अग्रणी योद्धाओं के रूप में लिया जाता है, जिनके द्वारा भड़काई गई क्रांति की ज्वाला से अंग्रेजी हुकुमत की ईस्ट इंडिया कंपनी का शासन बुरी तरह डगमगा गया था। उनका जन्म 1827 ई में 19 जुलाई को हुआ था। अपनी हिम्मत और हौसले के दम पर समूची अंग्रेजी हुकूमत के सामने मंगल पांडे की शहादत ने भारत में पहली क्रांति के बीज बोया था।
उक्त विचार जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष संतोष कुमार धुरिया शहर के आल्हा चौक स्थित पार्टी के जिला कार्यालय में शहीद स्वतंत्रता सेनानी मंगल पांडेय की 198वीं जयंती पर व्यक्त किए। जिलाध्यक्ष ने कहा कि 1857 की क्रांति में हिन्दू मुस्लिम दोनों सैनिक कंधे से कंधा मिलाकर लड़े, तमाम राज्यों को स्वतंत्र करवा लिया गया। इस एकता ने पूरे देश में अंग्रेजी शासन की नींव को हिलाकर रख दी। कहा कि हिंदू मुस्लिम एकता की साझी विरासत और साझी शहादत के सबसे बड़े प्रतीक मंगल पांडेय रहे। कांग्रेस पार्टी मंगल पांडेय को अपना आदर्श मानती है और उनके सपनों के लिए आजादी से अब तक संघर्ष किया और साझी विरासत के देश के विचार को गढ़ा।
जिला उपध्यक्ष डा0 प्रमोद निरंजन ने कहा कि वर्तमान सत्ताधारी दल मंगल पांडेय के सपनों के भारत को खत्म करना चाहती है। संवैधनिक पदों पर बैठे लोग देश को सांप्रदायिकता के दलदल में झोंकने का कार्य कर रही है। कहा कि मंगल पाण्डेय का जन्म भारत में उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के नगवा नामक गांव में एक “ब्राह्मण“ परिवार में हुआ और 22 साल की उम्र में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना मे बंगाल नेटिव इन्फेंट्री की 34वीं बटालियन मे भर्ती हुए थे। स्वतंत्रा सेनानी की जयंती के मौके पर कांग्रेसियों ने मंगल पांडेय के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष कुं0 राकेश सिंह, जिला महासचिव अरविंद द्विवेदी, वृंदावन कुशवाहा, कोषाध्यक्ष देशराज रैकवार, जिला सचिव अशोक राजपूत, अरविंद चौधरी, अजय कोली, संजय सिंह सहित तमाम कांग्रेसी मौजूद रहे।
मंगल पांडेय द्वारा जलाई गई क्रांति की ज्वाला से डगमागा गई थी अंग्रेजी हुकुमत : जिलाध्यक्ष
July 19, 2025
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