Type Here to Get Search Results !
पाए सभी खबरें अब WhatsApp पर Click Now

पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में नशामुक्ति के लिए जारी की गई एडवाइजरी


टीकमगढ़। पुलिस मुख्यालय द्वारा प्रदेशस्तर पर “नशे से दूरी है जरूरी” जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है जिसका सक्रिय संचालन टीकमगढ़ जिले में पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई के निर्देशन में चल रहा है इसी परिप्रेक्ष्य में टीकमगढ़ जिले वासियों को “नशे की समझ एवं नशामुक्ति हेतु प्रेरित” करने के लिए आज एडवाइजरी जारी की जा रही है सभी से अपेक्षा है कि आप इसका पालन करेंगे ।

  नशा :

नशा एक सामाजिक, मानसिक और कानूनी संकट है। यह व्यक्ति के स्वास्थ्य को नष्ट करता है, परिवारों को तोड़ता है और अपराध को बढ़ावा देता है।टीकमगढ़ पुलिस नशे की रोकथाम और पुनर्वास हेतु प्रतिबद्ध है, और समाज से सहयोग की अपेक्षा करती है।

नशे के प्रमुख प्रकार:

1. शराब (Alcohol)- बीयर, व्हिस्की, वाइन, देसी शराब              

2. तंबाकू एवं उत्पाद- सिगरेट, गुटखा, बीड़ी, पान मसाला चबाने/सूँघने/पीने के रूप में                        

3. गांजा/भांग (Cannabis)- हशीश, चरस, मारिजुआना                          

4. हेरोइन (Smack/Brown Sugar)- अफीम से बना ,नस में इंजेक्शन, सूंघना 

5. कोकीन / क्रैक- सूंघना, इंजेक्शन                                    

6. सिंथेटिक ड्रग्स- एलएसडी, एमडीएमए, मेथम्फेटामीन (गोली, चूर्ण या इंजेक्शन के रूप में)

7. दवाईयों का दुरुपयोग- ट्रामाडोल, नींद की गोलियाँ, कोरेक्स, स्पास्मो                        

8. सॉल्वेंट्स / व्हाइटनर- पेट्रोल, नेल पॉलिश, गोंद आदि सूंघना                           

नशे की कार्यप्रणाली (How Addiction Works):

_1. डोपामीन रिलीज़:-_

   नशा करने से मस्तिष्क में डोपामीन नामक रसायन अधिक मात्रा में निकलता है, जिससे व्यक्ति अस्थायी रूप से आनंद महसूस करता है।

2. _न्यूरोलॉजिकल रीवायरिंग:_

   बार-बार नशा करने से मस्तिष्क में स्थायी परिवर्तन होते हैं और सामान्य कार्यों (जैसे भोजन, नींद, पढ़ाई) से आनंद नहीं मिलता।

3. _शारीरिक निर्भरता:_

   शरीर उस पदार्थ का अभ्यस्त हो जाता है और यदि न मिले तो withdrawal symptoms (काँपना, उल्टी, चिड़चिड़ापन, दौरे आदि) उत्पन्न होते हैं।

4. _मानसिक निर्भरता:_

   व्यक्ति तनाव, अकेलापन या अवसाद से निपटने के लिए नशे की ओर लौटता है।

5. _विकृति और अपराध:_

   लत बढ़ने पर व्यक्ति चोरी, झूठ, हिंसा और यहां तक कि हत्या जैसे अपराध भी कर बैठता है।

कानूनी स्थिति:-

भारत में NDPS Act, 1985 के अंतर्गत निम्न गतिविधियाँ अपराध हैं:

मादक पदार्थों का *उत्पादन, बिक्री, भंडारण, परिवहन या सेवन

किशोरों को नशे के लिए प्रेरित करना या उनसे तस्करी कराना

स्कूलों, कॉलेजों, धार्मिक स्थलों या सार्वजनिक स्थलों के पास नशा बेचना

उल्लंघन पर 10 से 20 वर्ष तक कारावास और ₹1 लाख से ₹2 लाख तक जुर्माना

पुलिस विभाग की चेतावनी एवं अपील:

क्या करें:-

* स्वयं नशा न करें और दूसरों को भी रोकें

* नशे की बिक्री/सेवन की सूचना पुलिस को दें

* बच्चों व युवाओं पर नजर रखें

* नशामुक्ति केंद्रों में परामर्श दिलाएँ

* नशे से पीड़ित को अपराधी नहीं, रोगी मानें

क्या न करें:-

* अवैध दवाइयों/सामग्री का सेवन न करें

* अनजान व्यक्तियों से पदार्थ न लें

* दोस्तों के दबाव में नशा न करें

* किसी प्रकार के नशे को "हल्का" मानकर नजरअंदाज न करें

उपलब्ध सहायता:-

• राष्ट्रीय नशा निवारण हेल्पलाइन- 1800-11-0031 (24x7)  

• ⁠स्थानीय नशामुक्ति केंद्र

• ⁠समाजसेवी संगठन/NGO

• ⁠ क्षेत्रीय थाना 

प्रभारी

• ⁠ जिला पुनर्वास अधिकारी ।   



- - इसे भी पढ़ें - -

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad